उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा राज्य भर के मदरसों में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान आयोजित करने के फैसले का मुस्लिम समुदाय और धर्मगुरुओं ने बेहद उत्साहजनक स्वागत किया है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की इस पहल को सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। मुस्लिम उलेमाओं और सामाजिक प्रतिनिधियों ने एक सुर में कहा है कि राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा हर भारतीय की आन-बान-शान का प्रतीक है और इसे अपने संस्थानों व घरों पर फहराना हर नागरिक के लिए गर्व का विषय है।
सरकार का निर्देश और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की योजना
उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश अंसारी ने हाल ही में राज्य के सभी मान्यता प्राप्त व अन्य मदरसों में व्यापक स्तर पर ‘हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश जारी किया था। विभाग का उद्देश्य मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों और युवाओं के भीतर देशभक्ति की भावना को और अधिक प्रगाढ़ करना है। सरकारी योजना के अनुसार, 15 अगस्त के पावन अवसर पर केवल ध्वजारोहण ही नहीं होगा, बल्कि राष्ट्रगान, देशभक्तिपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम, निबंध प्रतियोगिताएं और भारत की आजादी के अमर शहीदों की गाथाओं पर आधारित विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
‘तिरंगा हमारा अधिकार और राष्ट्रीय पहचान’: हाजी ताहिरुद्दीन
खुद्दाम-ए-रोजा ताजमहल उर्स कमेटी के अध्यक्ष हाजी ताहिरुद्दीन ने सरकार की इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज केवल एक कपड़ा नहीं, बल्कि हमारे सामूहिक स्वाभिमान और देश की संप्रभुता का प्रतीक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार का कोई औपचारिक निर्देश न भी होता, तब भी राज्य के शैक्षणिक संस्थानों, कॉलेजों और मदरसों में पूरी शान के साथ ध्वजारोहण किया जाता। इस्लाम धर्म भी अपने देश के कानूनों का सम्मान करने और राष्ट्र के प्रति वफादार रहने की प्रेरणा देता है, इसलिए इस अभियान को लेकर समुदाय में किसी भी तरह की झिझक या संकोच का सवाल ही पैदा नहीं होता।
अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि देने का सुनहरा अवसर
प्रसिद्ध धर्मगुरु मोहम्मद जमील हयात ने इस निर्णय को सर्वसम्मति से सराहते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि उन अनगिनत स्वाधीनता सेनानियों की शहादत को नमन करने का दिन है जिनकी वजह से आज हम आजाद फिजा में सांस ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज फहराना किसी एक वर्ग की जिम्मेदारी न होकर पूरे समाज का सामूहिक कर्तव्य है। जब बच्चे अपने मदरसों और घरों में तिरंगा फहराते हुए देश के नायकों के बारे में जानेंगे, तो उनके भीतर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का एक नया जज्बा पैदा होगा।
भावी पीढ़ी में राष्ट्रीय चेतना का संचार
मदरसा शिक्षा परिषद और सामाजिक विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार के अभियानों से मदरसों के छात्रों को मुख्यधारा की राष्ट्रीय गतिविधियों से जुड़ने का सीधा मौका मिलता है। स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में समाज के हर वर्ग और धर्म के लोगों का अमूल्य योगदान रहा है। इस अभियान के माध्यम से नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों के संघर्षों, बलिदानों और भारत की विविधता में एकता के मूल मंत्र को गहराई से समझने का अवसर मिलेगा। पूरे उत्तर प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां अपने चरम पर हैं और मदरसों में भी इस बार जश्ने-आजादी की एक अभूतपूर्व लहर देखने को मिल रही है।





















































