बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद द्वारा कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर की गई हालिया टिप्पणियों ने उत्तर प्रदेश के राजनीतिक पारे को चढ़ा दिया है। आकाश आनंद द्वारा राहुल गांधी को ‘अंकल’ संबोधित करने और भारत के संविधान को लेकर उठाए गए सवालों पर अब कांग्रेस ने बेहद तल्ख रुख अपनाया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने मंगलवार को बसपा नेता पर तीखा हमला बोलते हुए स्पष्ट किया कि राजनीति में नेतृत्व किसी की उम्र से तय नहीं होता, बल्कि जनता और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ने से स्थापित होता है।
पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे ज्वलंत मुद्दों पर चुप्पी साधने का आरोप
कांग्रेस प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) के जरिए आकाश आनंद की राजनीतिक समझ और रुख पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि आकाश आनंद स्वयं को देश के युवाओं और छात्र वर्ग का सच्चा प्रतिनिधि व नेता मानते हैं, तो उन्हें उत्तर प्रदेश और देश भर में युवाओं से जुड़े असली मुद्दों पर भी मुखर होना पड़ेगा। अंशु अवस्थी ने सवाल उठाया कि देश में लगातार हो रहे पेपर लीक, रिकॉर्ड बेरोजगारी, और हक मांग रहे छात्रों पर शासन-प्रशासन द्वारा किए जा रहे कथित लाठीचार्ज और उत्पीड़न के मामलों पर बसपा नेता की जुबान क्यों बंद रहती है? उन्होंने कहा कि वास्तविक जनसमस्याओं से दूरी बनाकर केवल बयानों के जरिए सुर्खियां बटोरने से कोई जननेता नहीं बन जाता।
‘बाबा साहब के बनाए संविधान का अपमान न करें’: कांग्रेस की सख्त हिदायत
बसपा के वैचारिक आधार को याद दिलाते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी हमेशा से बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और मान्यवर कांशीराम के संघर्षों व विचारों की दुहाई देती आई है। ऐसे में पार्टी के शीर्ष पद पर बैठे युवा प्रतिनिधि द्वारा संविधान को लेकर अमर्यादित या अपमानजनक टिप्पणियां करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। अंशु अवस्थी ने कड़े शब्दों में कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी का विरोध करने की अपनी राजनीतिक मजबूरी हो सकती है, लेकिन इसके बहाने भारत के पावन संविधान और उसके बुनियादी मूल्यों का अनादर किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं किया जाएगा।
भाजपा से साठगांठ का लगाया आरोप, पूछा— बसपा और बीजेपी में अंतर क्या?
कांग्रेस नेता ने संविधान संरक्षण के मुद्दे पर राहुल गांधी के प्रयासों का प्रमुखता से बचाव किया। उन्होंने कहा कि जब भी भारतीय जनता पार्टी की नीतियों से संविधान और लोकतंत्र पर खतरा मंडराया, तब राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी देश के आम नागरिकों के साथ सड़कों पर मजबूती से खड़ी दिखाई दी। अंशु अवस्थी ने आकाश आनंद से सीधा सवाल दागा कि यदि वे भी संविधान की रक्षा करने वालों पर ही हमला कर रहे हैं और भाजपा की भाषा बोल रहे हैं, तो जनता के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर बसपा और भारतीय जनता पार्टी की सोच में क्या अंतर रह गया है?
उम्र नहीं, संघर्ष और विचार से तय होता है युवा नेतृत्व
अपने बयान के अंत में अंशु अवस्थी ने दोहराया कि युवाओं की राजनीति और जननेतृत्व का दायरा महज किसी व्यक्ति की जन्मतिथि या उम्र के आंकड़ों से सीमित नहीं होता। युवाओं का वास्तविक नेता वही है जो उनके भविष्य, रोजगार और सम्मान की रक्षा के लिए लाठियां खाए और आवाज बुलंद करे। केवल राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर तंज कसने या ‘अंकल’ जैसी शब्दावली का प्रयोग करने से कोई भी नेता युवाओं का सच्चा रहनुमा नहीं बन सकता। गौरतलब है कि कुछ समय पूर्व बसपा नेता आकाश आनंद ने सार्वजनिक रूप से राहुल गांधी और अखिलेश यादव को ‘अंकल’ कहते हुए दावा किया था कि ये दोनों नेता अब प्रासंगिक नहीं रहे और देश के युवाओं की बात करने का हक खो चुके हैं।





















































