उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में कानून-व्यवस्था की मजबूत धमक और अपराधियों पर कड़े प्रहार का एक बड़ा मामला सामने आया है। काकोड़ थाना क्षेत्र में नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म और निर्मम हत्या की जघन्य वारदात को अंजाम देने वाले 50 हजार रुपये के इनामी अपराधी मोनू को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। रविवार तड़के हुई इस भीषण मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की ओर से की गई अंधाधुंध गोलीबारी में स्वात टीम के दरोगा सहित दो पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि दो थाना प्रभारियों की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोलियां लगने से वे बाल-बाल बच गए। पुलिस ने मौके से एक अवैध पिस्टल, कारतूस और बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की है।
चेकिंग के दौरान घेराबंदी, बदमाशों ने पुलिस टीम पर दागी गोलियां
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) दिनेश कुमार सिंह ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम इलाके में संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक बिना नंबर की बाइक पर दो संदिग्धों को आते देख पुलिस बल ने उन्हें रुकने का स्पष्ट इशारा किया। हालांकि, खुद को घिरता देख अपराधियों ने पुलिस की चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया और बाइक की रफ्तार बढ़ाकर भागने का प्रयास किया। जब पुलिसकर्मियों ने उनका पीछा किया, तो अपराधियों ने पुलिस टीम को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ कई राउंड फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में ढेर हुआ मुख्य आरोपी, साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार
बदमाशों द्वारा की गई जानलेवा गोलीबारी के जवाब में पुलिस टीम ने भी पूरी आत्मरक्षा और मुस्तैदी के साथ नियंत्रित जवाबी कार्रवाई की। पुलिस की ओर से चलाई गई गोलियों में से एक मुख्य आरोपी मोनू को जा लगी, जिससे वह मौके पर ही गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। वहीं उसका दूसरा साथी रात के अंधेरे और आसपास के इलाके का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। मुठभेड़ के तुरंत बाद घायल बदमाश और गोली लगने से जख्मी हुए स्वात टीम के सब-इंस्पेक्टर संदीप कुमार व कॉन्स्टेबल नरेंद्र कुमार को उपचार के लिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत, फरार बदमाश की तलाश में कॉम्बिंग जारी
सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद आरोपी मोनू की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालांकि, जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ में घायल दोनों पुलिसकर्मियों का इलाज जारी है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। वहीं, मौके से फरार हुए दूसरे शातिर अपराधी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें इलाके में लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रही हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
1 अगस्त को दर्ज हुआ था मामला, कई जिलों में दर्ज थे संगीन मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मारा गया शातिर अपराधी मोनू काकोड़ थाना क्षेत्र में घटित एक अत्यंत दर्दनाक और जघन्य अपराध में मुख्य आरोपी था। उस पर एक मासूम नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसकी हत्या करने का गंभीर आरोप था। इस सनसनीखेज वारदात के संबंध में 1 अगस्त को काकोड़ थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था, जिसके बाद से ही पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी। एसएसपी ने बताया कि आरोपी मोनू बेहद आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति था और उस पर बुलंदशहर के अलावा गौतम बुद्ध नगर, जीआरपी बरेली और जीआरपी अलीगढ़ समेत कई अन्य जिलों में भी संगीन आपराधिक मामले दर्ज थे।





















































