गौतमबुद्ध नगर जिले की नोएडा फेस-1 थाना पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में ई-रिक्शा चालकों की रातों की नींद हराम करने वाले एक बेहद शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस की विशेष टीम ने सर्विलांस और स्थानीय गुप्त सूचना तंत्र के सटीक समन्वय से ई-रिक्शा की महंगी बैटरियां उड़ाने वाले चार अंतराज्यीय बदमाशों को धर दबोचा। पुलिस ने इनके पास से चोरी की गई 13 आधुनिक स्मार्ट लीथियम बैटरी, 414 लीथियम बैटरी सेल और 11,800 रुपये नकद बरामद किए हैं। यह गिरोह दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा के विभिन्न हिस्सों में लंबे समय से सक्रिय रहकर चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।
सेक्टर-14 और 15 के पुल के पास घेराबंदी कर दबोचे गए बदमाश
मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 10 अगस्त 2026 को थाना फेस-1 पुलिस की टीम को सूचना मिली थी कि ई-रिक्शा से चोरी करने वाले गिरोह के कुछ सदस्य किसी बड़ी वारदात या चोरी के माल को ठिकाने लगाने की नीयत से घूम रहे हैं। इस जानकारी पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने इलेक्ट्रॉनिक्स सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस की मदद से सेक्टर-14 और सेक्टर-15 के बीच स्थित पुल के पास जाल बिछाया। पुलिस ने संदेह के आधार पर चार संदिग्धों को रोका और जब उनकी तलाशी ली गई तो उनके पास से चोरी की बैटरियां और नकदी बरामद हुई। इसके बाद चारों को तुरंत हिरासत में ले लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
पुलिस द्वारा पकड़े गए बदमाशों की शिनाख्त इस प्रकार हुई है:
- कासिम उर्फ लक्की (उम्र 21 वर्ष) – निवासी इकरामनगर, थाना लोनी, जिला गाजियाबाद।
- रहीशउल्ला (उम्र 29 वर्ष) – निवासी इकरामनगर, थाना लोनी, जिला गाजियाबाद।
- शाहनवाज (उम्र 28 वर्ष) – निवासी भागीरथी विहार, थाना दयालपुर, दिल्ली।
- रिजवान (उम्र 23 वर्ष) – निवासी ओल्ड मुस्तफाबाद, थाना दयालपुर, दिल्ली।
दिन में रेकी और रात के अंधेरे में ई-रिक्शा को बनाते थे निशाना
कड़ाई से की गई पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपने काले कारनामों और वारदात को अंजाम देने के तरीके की पूरी जानकारी दी। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे सबसे पहले दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के व्यस्त और आवासीय इलाकों में ऐसे स्थानों की दिन के समय रेकी करते थे, जहां चालक अपने ई-रिक्शा पार्क करते हैं। इसके बाद वे किसी ऐसे ई-रिक्शा को चुनते थे जो अपेक्षाकृत कम रोशनी वाले या सुनसान स्थान पर खड़ा होता था। मौका मिलते ही वे ई-रिक्शा के लॉक तोड़कर या कटिंग कर उसकी महंगी स्मार्ट लीथियम बैटरियां चुरा लेते थे। चोरी की गई बैटरियों को तुरंत बाजार में न बेचकर, वे उन्हें अलग-अलग सुरक्षित ठिकानों पर छिपाकर रख देते थे।
कबाड़ियों को एक-एक कर बेचते थे माल, दक्षिण दिल्ली में भी रहा है आपराधिक रिकॉर्ड
शातिरों ने पूछताछ में खुलासा किया कि वे पुलिस की नजरों से बचने और शक न होने देने के लिए चोरी की बैटरियों को एक साथ कभी नहीं बेचते थे। जब भी उन्हें रुपयों की तत्काल आवश्यकता होती थी, तो वे एक-एक करके बैटरियों को स्थानीय कबाड़ियों के पास ले जाते थे। वहां खुद को आर्थिक तंगी या अपनी किसी पारिवारिक मजबूरी का बहाना बनाकर बैटरियों को कम दामों में बेच देते थे। इसके बाद मिलने वाले पैसे को चारों आपस में बराबर बांट लेते थे। पुलिस जांच में यह भी तथ्य सामने आया है कि इन बदमाशों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। यह गिरोह दक्षिण दिल्ली के थाना जैतपुर क्षेत्र में भी दर्जनों ई-रिक्शा की बैटरियां पार कर चुका है, जिसके सिलसिले में ये पूर्व में जेल की हवा भी खा चुके हैं।
नेटवर्क से जुड़े कबाड़ियों और अन्य साथियों पर कसा जा रहा शिकंजा
नोएडा पुलिस ने पकड़े गए चारों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके अलावा दिल्ली के थाना जैतपुर साउथ में भी इनके खिलाफ दर्ज मामलों का रिकॉर्ड मंगाया जा रहा है। पुलिस अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुट गई है। पुलिस की एक विशेष टीम आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन्होंने अब तक कुल कितनी बैटरियां चोरी की हैं और इस गिरोह से कौन-कौन से अन्य लोग जुड़े हुए हैं। साथ ही, चोरी का माल खरीदने वाले कबाड़ियों को चिन्हित कर उनकी भूमिका की जांच की जा रही है और उनके खिलाफ भी सख्त दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी है।





















































