उत्तर प्रदेश को अपराध मुक्त और एक मजबूत औद्योगिक हब बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने कड़े तेवर एक बार फिर साफ कर दिए हैं। बुधवार को गोरखपुर में हुंकार भरते हुए सीएम योगी ने दो टूक शब्दों में कहा कि राज्य में अपराधियों, माफियाओं और असामाजिक तत्वों के लिए अब कोई जगह नहीं बची है। ‘जीरो टॉलरेंस’ (कतई बर्दाश्त नहीं करने) की नीति को मंच से दोहराते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी व्यक्ति महिलाओं की अस्मिता पर आंच लाएगा, गरीबों के हक पर डाका डालेगा या प्रदेश के व्यापारियों को डराने-धमकाने की जुर्रत करेगा, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। कड़े संदेश के साथ ही मुख्यमंत्री ने पूर्वांचल को विकास की एक और बड़ी सौगात देते हुए गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) में करोड़ों रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
माफियाओं को अल्टीमेटम: ‘जो कानून की भाषा नहीं समझते, उनसे उसी भाषा में निपटेंगे’
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान बिना किसी का नाम लिए असामाजिक तत्वों और माफियाओं को एक बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए सख्त लहजे में कहा कि जो लोग कानून के शासन का सम्मान नहीं करते और सीधे तौर पर कानून की भाषा नहीं समझते हैं, उनसे उसी भाषा में निपटा जाएगा जो उन्हें अच्छी तरह समझ में आती है। सीएम योगी ने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश की शांति और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती। सरकार का यह रुख बिल्कुल साफ है कि गरीबों का शोषण करने वालों और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वालों के खिलाफ बिना किसी अपवाद और रियायत के कठोरतम कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
सुरक्षा का माहौल बना निवेशकों की पहली पसंद
सीएम योगी ने प्रदेश की मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और औद्योगीकरण के बीच का सीधा संबंध समझाते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश में जो विकास की बयार देखने को मिल रही है, उसकी नींव सिर्फ और सिर्फ सुरक्षित माहौल है। उन्होंने बताया कि अपराध और अपराधियों पर लगाम कसने के कारण ही आज देश और दुनिया के बड़े निवेशक उत्तर प्रदेश की ओर आकर्षित हुए हैं। इसी का सकारात्मक परिणाम है कि राज्य को अब तक 50 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की निवेश परियोजनाएं सफलतापूर्वक धरातल पर उतर भी चुकी हैं, जो नए उत्तर प्रदेश की आर्थिक ताकत की कहानी बयां करती हैं।
पूर्वांचल के उद्यमियों को ‘प्लग-एंड-प्ले’ का शानदार तोहफा
अपने इस दौरे पर मुख्यमंत्री ने गीडा (GIDA) में लगभग 208 करोड़ रुपये की लागत वाली 71 विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस भव्य आयोजन में पूर्वी उत्तर प्रदेश का पहला ‘फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स’ भी जनता और उद्यमियों को समर्पित किया गया। यह अत्याधुनिक कॉम्प्लेक्स सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) की रफ्तार को तेज करने के लिए एक ‘प्लग-एंड-प्ले’ मॉडल के रूप में काम करेगा। मुख्यमंत्री ने इस मॉडल की खासियत बताते हुए कहा कि ऐसे कई छोटे उद्यमी और स्टार्ट-अप्स हैं, जिनके पास अपनी जमीन खरीदने या बड़ी फैक्ट्रियां स्थापित करने के लिए पर्याप्त पूंजी और संसाधन नहीं होते हैं। अब ऐसे उद्यमी इस फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स का लाभ उठाकर न्यूनतम निवेश के साथ तुरंत अपना कारोबार और उत्पादन शुरू कर सकेंगे।
रोजगार की क्रांति: 3 करोड़ लोगों को काम और 9 लाख सरकारी नौकरियां
राज्य सरकार के रोजगार सृजन के दावों पर मुहर लगाते हुए सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में एमएसएमई (MSME) सेक्टर को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया गया है। इसके चलते पूरे राज्य में लगभग तीन करोड़ लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं, जिससे पलायन रुका है और स्थानीय स्तर पर समृद्धि आई है। इसके साथ ही, उन्होंने एक अहम आंकड़ा साझा करते हुए बताया कि साल 2017 में सत्ता संभालने के बाद से उनकी सरकार ने पूरी तरह से पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार-मुक्त भर्ती प्रक्रिया के जरिए प्रदेश के नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं।













































