उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे हजारों युवाओं का सब्र अब जवाब देता नजर आ रहा है। ग्राम पंचायत अधिकारी (VDO) भर्ती-2022 का अंतिम परिणाम अब तक घोषित न किए जाने से नाराज अभ्यर्थियों ने मंगलवार को राजधानी लखनऊ में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश के दूर-दराज के जनपदों से पहुंचे इन युवाओं ने अपनी सुस्त पड़ी उम्मीदों को जगाने के लिए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के सरकारी आवास के बाहर अनोखा तरीका अपनाते हुए मानव शृंखला बनाई और तत्काल प्रभाव से भर्ती का फाइनल रिजल्ट जारी करने की पुरजोर मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का साफ तौर पर कहना था कि इस चयन प्रक्रिया से जुड़े तमाम चरण और औपचारिकताएं काफी समय पहले ही पूरी की जा चुकी हैं, इसके बावजूद परिणाम घोषित करने में हो रही अनावश्यक देरी उनके भविष्य को गहरे अंधकार में धकेल रही है।
चार साल लंबा इंतजार और पूरी हो चुकी चयन प्रक्रिया के बाद भी सन्नाटा
इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर अपनी पीड़ा साझा करने वाले एक अभ्यर्थी राघवेंद्र सिंह ने पूरे घटनाक्रम और भर्ती की पृष्ठभूमि पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत अधिकारी के कुल 1,468 पदों पर नियुक्ति के लिए आधिकारिक विज्ञापन वर्ष 2022 में निकाला गया था, जिसके बाद साल 2023 में आवेदन की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई गई थी।
लंबी तारीखों के बाद आखिरकार 27 अप्रैल 2025 को इस पद के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया था। परीक्षा के नतीजे आने के बाद सफल पाए गए अभ्यर्थियों के अभिलेखों का सत्यापन भी अप्रैल और मई 2025 के बीच सफलताપૂર્વक पूरा कर लिया गया था। चयन से जुड़ी समस्त कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं मुकम्मल होने के बावजूद उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा अंतिम परिणाम घोषित न किया जाना युवाओं के लिए मानसिक प्रताड़ना बनता जा रहा है। अभ्यर्थी पिछले कई महीनों से आयोग के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिल रहा है।
रोजगार का गंभीर संकट और उम्र सीमा पार होने का मंडराता खतरा
लखनऊ पहुंचे युवाओं का दर्द साफ झलक रहा था कि वे पिछले तीन वर्षों से सिर्फ इसी एक भर्ती के मुकम्मल होने की उम्मीद में बैठे हैं। परिणाम में हो रही अंतहीन देरी के कारण न तो वे किसी अन्य प्रतियोगी परीक्षा की मानसिक रूप से तैयारी कर पा रहे हैं और न ही अपने जीवन को लेकर कोई ठोस दिशा तय कर पा रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह लगातार हो रही लेटलतीफी के चलते कई मेधावी युवाओं की उम्र सीमा भी निकलती जा रही है, जिससे उनके समक्ष आजीविका का गंभीर संकट पैदा हो गया है। अभ्यर्थियों ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार और चयन आयोग तक अपनी बात पहुंचाई है कि वे बिना किसी और विलंब के अंतिम चयन सूची जारी करें ताकि योग्य युवाओं को उनकी मेहनत का फल मिल सके और वे विभागों में अपनी सेवाएं शुरू कर सकें।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल रहा तैनात, ज्ञापन के जरिए रखी मांग
उपमुख्यमंत्री आवास के बाहर आयोजित इस उग्र लेकिन पूरी तरह शांतिपूर्ण प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मौके पर भारी मात्रा में पुलिस बल की तैनाती की गई ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में रहे।
युवाओं ने किसी भी प्रकार के उपद्रव से दूर रहकर अनुशासित तरीके से मानव शृंखला बनाकर अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों को अपना मांग पत्र सौंपा और पुरजोर अपील की कि सरकार इस मामले का संज्ञान ले ताकि हजारों परिवारों की उम्मीदों पर पानी न फिरे। अभ्यर्थियों ने एक स्वर में मांग की है कि आयोग युद्धस्तर पर कार्रवाई करते हुए रिजल्ट घोषित करे और नियुक्ति प्रक्रिया को अपने अंतिम चरण तक पहुंचाए।





















































