अयोध्या स्थित भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर के प्रशासनिक, वित्तीय और संगठनात्मक ढांचे को अब एक नया और अत्यंत पेशेवर आयाम मिलने जा रहा है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से नियुक्त किए गए प्रथम मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) तथा भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र मंगलवार को धर्मनगरी अयोध्या पहुंचे और औपचारिक रूप से अपने पद की कमान संभाल ली। अयोध्या आगमन के तुरंत बाद उन्होंने सर्वप्रथम गर्भगृह में जाकर प्रभु श्री रामलला सरकार के दर्शन एवं पूजन किए और इसके उपरांत तीर्थ क्षेत्र भवन पहुंचकर विधिवत प्रशासनिक कार्यों की शुरुआत की।
अयोध्या में ही रहकर संभालेंगे संपूर्ण प्रबंधन
तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने नए सीईओ के आवास का प्रबंध मंदिर परिसर के अत्यंत निकट स्थित अपने एक भवन में किया है। अब जितेंद्र मिश्र स्थायी रूप से रामनगरी में निवास करते हुए मंदिर से जुड़ी तमाम प्रशासनिक गतिविधियों, वित्तीय प्रणालियों और देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधाओं की प्रत्यक्ष निगरानी करेंगे। मंगलवार को कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत उन्होंने ग्रीन हाउस में मंदिर प्रबंधन से संबद्ध वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ विस्तृत बैठकें कीं। इस दौरान उन्होंने वर्तमान व्यवस्थाओं, कार्यप्रणाली और आगामी प्राथमिकताओं पर विस्तार से विचार-विमर्श कर समग्र स्थिति का जायजा लिया।
5 हजार दिग्गजों के बीच हुआ चयन, 39 वर्षों का गौरवशाली सैन्य अनुभव
जितेंद्र मिश्र की नियुक्ति हाल ही में आयोजित ट्रस्ट की अहम बैठक के दौरान तय की गई थी। मंदिर के प्रथम सीईओ के चयन हेतु एक विशेष खोज समिति (सर्च कमेटी) गठित की गई थी, जिसने 5,000 से अधिक योग्य और प्रतिष्ठित उम्मीदवारों के प्रोफाइल्स की गहन समीक्षा की। अंततः भारतीय वायुसेना में करीब 39 वर्षों की दीर्घ और विशिष्ट सेवाओं, उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता तथा विशाल रणनीतिक-प्रशासनिक अनुभव को आधार बनाते हुए ट्रस्ट ने मिश्र के नाम पर अंतिम मुहर लगाई। नियुक्ति की घोषणा के बाद वह एक प्रारंभिक दौरे पर अयोध्या आए थे, जहां ट्रस्टियों संग संवाद स्थापित कर उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों और मंदिर की कार्यप्रणाली को समझा था। इसके बाद दिल्ली जाकर जरूरी औपचारिकताएं पूर्ण कर अब वे पूरी तरह अयोध्या में डट गए हैं।
बढ़ती भीड़ और वैश्विक पहचान के बीच बड़ी चुनौतियां
प्राण प्रतिष्ठा के पश्चात राम मंदिर अब वैश्विक स्तर के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्रों में परिणत हो चुका है। ऐसे में हर रोज उमड़ रहे श्रद्धालुओं के विशाल प्रवाह के मद्देनजर व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखना एक संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण दायित्व है। सीईओ के तौर पर जितेंद्र मिश्र की मुख्य भूमिकाओं में मंदिर का समग्र संचालन, पुख्ता सुरक्षा ढांचा, कार्मिक प्रबंधन, पारदर्शी लेखा-जोखा तथा विभिन्न राज्य और केंद्रीय एजेंसियों के बीच सुचारु तालमेल सुनिश्चित करना शामिल रहेगा। भक्तजनों को बिना किसी असुविधा के सुगम दर्शन कराना और सेवा कार्यों का विस्तार करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शुमार होगा।
ऑपरेशन सिंदूर का नेतृत्व और एयर मार्शल का शानदार सफर
जितेंद्र मिश्र का सैन्य करियर अत्यंत गौरवशाली रहा है। 6 दिसंबर 1986 को वायुसेना में कमीशन प्राप्त करने वाले राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के इस पूर्व छात्र ने पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख के तौर पर भी ऐतिहासिक दायित्वों का निर्वहन किया है। उल्लेखनीय है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के समय पश्चिमी वायु कमान का रणनीतिक नेतृत्व उन्हीं के हाथों में था।
सीएम योगी के आगमन की तैयारियों की भी की समीक्षा
पदभार संभालने के पहले ही दिन जितेंद्र मिश्र एक्शन मोड में दिखाई दिए। मंगलवार को ही उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे से जुड़ी तैयारियों को लेकर मंदिर प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के राज्यस्तरीय सम्मेलन में प्रतिभाग करने के उपरांत संकटमोचन हनुमानगढ़ी और श्री रामलला मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। सैन्य अनुशासन और कड़े नेतृत्व की पृष्ठभूमि से आने वाले मिश्र की यह तैनाती राम मंदिर प्रबंधन को आधुनिक, संस्थागत और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक युगांतकारी कदम मानी जा रही है।





















































