उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्य बल (STF) ने अपराध जगत के एक बड़े नाम को हमेशा के लिए खामोश कर दिया है। आंबेडकर नगर जिले के बेवाना थाना क्षेत्र में मंगलवार को हुई एक भीषण मुठभेड़ में कुख्यात डकैत आसिफ उर्फ विक्की छैमार मारा गया। आसिफ पर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। वह यूपी के अलावा हरियाणा और राजस्थान में हत्या व डकैती जैसे जघन्य अपराधों के लिए वांछित था। मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मुठभेड़ की कहानी: एसटीएफ टीम पर दागी गोलियां
एसटीएफ की नोएडा इकाई को आसिफ के आंबेडकर नगर में छिपे होने की खुफिया सूचना मिली थी। जैसे ही एसटीएफ की टीम ने उसे घेरकर आत्मसमर्पण करने को कहा, आसिफ ने अपनी जान बचाने के लिए सीधे सुरक्षाबलों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। एसटीएफ जवानों ने पूरी सावधानी और बहादुरी के साथ जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान लगी गोली से डकैत आसिफ गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। मौके से पुलिस ने एक .32 बोर की पिस्तौल, 12 बोर का देसी तमंचा, भारी मात्रा में जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
2014 का शाहगंज कांड: वो वारदात जिसने हिला दिया था प्रदेश
आसिफ उर्फ विक्की छैमार की दहशत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह जौनपुर के बहुचर्चित 2014 शाहगंज डकैती कांड का मुख्य मास्टरमाइंड था। उस खौफनाक वारदात में आसिफ और उसके साथियों ने एक परिवार को बंधक बनाकर उन पर धारदार हथियारों से बेरहमी से हमला किया था। इस निर्मम घटना में परिवार के पांच सदस्य बुरी तरह घायल हुए थे, जिनमें से दो महिलाओं ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था। इस एक मामले ने उसे कानून की नजर में सबसे बड़े अपराधियों की सूची में ला खड़ा किया था।
21 से ज्यादा संगीन वारदातों का कच्चा-चिट्ठा
एसटीएफ द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, आसिफ छैमार केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी एक संगठित अपराधी के तौर पर सक्रिय था। उसके खिलाफ डकैती, हत्या और हत्या के प्रयास के 21 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। उसके आपराधिक इतिहास में कुछ प्रमुख वारदातों का विवरण इस प्रकार है:
2013 सुलतानपुर: डकैती और हत्या का मामला।
2015 कौशांबी: डकैती के दौरान दो लोगों की निर्मम हत्या।
2015 मुजफ्फरनगर: हथियारों के बल पर की गई डकैतियों की एक श्रृंखला।
2021 कानपुर देहात: हत्या का एक गंभीर मामला।
खूंखार कार्यप्रणाली: बंधक बनाना और हत्या करना था तरीका
एसटीएफ की जांच में पता चला है कि आसिफ और उसका गिरोह बेहद क्रूर कार्यप्रणाली (Modus Operandi) अपनाते थे। वे घरों में घुसकर लोगों को बंधक बनाते थे और यदि कोई भी व्यक्ति विरोध करने की कोशिश करता, तो वे बिना सोचे-समझे उसकी हत्या कर देते थे। उसकी इस खूंखार कार्यशैली के कारण हरियाणा और राजस्थान पुलिस भी उसकी तलाश में जुटी हुई थी। इस एनकाउंटर को एसटीएफ की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, जिससे लंबे समय से सक्रिय रहे एक बड़े अपराधी नेटवर्क पर नकेल कसने में मदद मिलेगी।





















































