उत्तर प्रदेश के पीलीभीत स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल छात्रा कशिश की निर्मम हत्या ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है। इस जघन्य वारदात के पीछे का सच सामने आने पर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। पुलिस हिरासत में आरोपी सागर सिंह ने जो खुलासे किए हैं, उनसे साफ है कि यह महज एक आवेश में किया गया अपराध नहीं था, बल्कि कशिश की मौत की पटकथा चार दिन पहले ही लिखी जा चुकी थी। शादी के प्रस्ताव को लगातार ठुकराए जाने से बौखलाए आरोपी ने मेडिकल कॉलेज परिसर को ही अपना रणक्षेत्र बना लिया और छात्रा को मौत के घाट उतार दिया।
ठुकराए गए प्रस्ताव से पनपी प्रतिशोध की भावना
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कानपुर के मेडू अराउल गांव का रहने वाला 24 वर्षीय सागर सिंह और बरेली की रहने वाली 22 वर्षीय कशिश दोनों मेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल के छात्र थे। सागर का दावा है कि वह कशिश से एकतरफा प्रेम करता था, लेकिन कशिश हमेशा उससे दूरी बनाए रखती थी। पिछले एक हफ्ते से सागर उसे लगातार मिलने के लिए मजबूर कर रहा था। कशिश का उसे नजरअंदाज करना सागर के अहंकार को ठेस पहुंचा रहा था। उसने पुलिस को बताया, “मैंने ठान लिया था कि अगर वह नहीं मानी, तो मैं उसे किसी और की नहीं होने दूंगा।” इसी मानसिक द्वंद और प्रतिशोध की आग में झुलसकर उसने कशिश को हमेशा के लिए खत्म करने का खौफनाक फैसला ले लिया।
एक्स-रे रूम में घेरकर बरसाए चाकू
मंगलवार को जब कशिश सीटी स्कैन रूम (एक्स-रे रूम) में अपना काम कर रही थी, तब सागर ने उसे अकेला पाकर अपना दांव चल दिया। उसने बातचीत शुरू करने का नाटक किया, लेकिन कशिश ने उसे फिर से अनदेखा कर दिया। आक्रोश में पागल सागर ने अपने पास छिपाकर रखा 12 इंच का धारदार चाकू निकाला और कशिश पर हमला कर दिया। छात्रा ने जब अपनी जान बचाने के लिए भागने की कोशिश की, तो आरोपी ने उसे दबोच लिया और सीने व पेट पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी जीवनलीला समाप्त कर दी। इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंची एक अन्य कर्मचारी निधि भी हमले में घायल हो गईं, जिन्हें इलाज के लिए बरेली रेफर किया गया है।
प्रशासनिक लापरवाही: 15 दिन पहले दी गई थी चेतावनी
इस घटना के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतका के चाचा विकास पटेल का आरोप है कि सागर बीते काफी समय से कशिश को परेशान कर रहा था। परिवार ने करीब 15 दिन पहले ही कॉलेज प्रशासन को लिखित शिकायत देकर आगाह किया था कि छात्रा की जान को खतरा है, लेकिन प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। यदि समय रहते कार्रवाई की गई होती, तो शायद आज कशिश जीवित होती।
न्याय की गुहार: फास्ट ट्रैक सुनवाई की मांग
घटना के बाद से कशिश के परिजन गहरे सदमे में हैं। बरेली में अंतिम संस्कार के बाद, पीड़िता के पिता रोहतास और अन्य परिजनों ने जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह और एसपी सुकीर्ति माधव मिश्रा से मुलाकात कर आरोपी के लिए फांसी की सजा की मांग की है। वहीं, आरोपी सागर की मां माया देवी का कहना है कि उन्हें अपने बेटे की इन हिंसक हरकतों की भनक तक नहीं थी। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से वारदात में प्रयुक्त 12 इंच का चाकू बरामद कर लिया है। पुलिस अब इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है ताकि आरोपी को कठोरतम दंड दिलाया जा सके।





















































