नोएडा के सेक्टर-66 स्थित ममूरा इलाके में बुधवार सुबह हुए एक भीषण अग्निकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक चार मंजिला आवासीय इमारत में इलेक्ट्रिक स्कूटी की चार्जिंग के दौरान हुए जोरदार धमाके ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसमें दो लोगों की जान चली गई। हादसे में मृत युवती की पहचान 22 वर्षीय स्नेहा श्रीवास्तव के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार की निवासी थीं। वहीं, जान गंवाने वाले दूसरे युवक की पहचान अभी भी एक चुनौती बनी हुई है, जिसकी आयु लगभग 30 वर्ष आंकी गई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आग की चपेट में आने से युवक 80 फीसदी तक झुलस गया था, जबकि स्नेहा के शरीर का 40 फीसदी हिस्सा जल चुका था।
बेसमेंट में हुआ विस्फोट, 40 वाहन हुए राख
हादसा सुबह करीब 11 बजे घटित हुआ, जब इमारत के बेसमेंट में खड़ी एक इलेक्ट्रिक स्कूटी को चार्जिंग पर लगाया गया था। अचानक हुई बैटरी फटने की आवाज के साथ आग की लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि बेसमेंट में मौजूद 30 से 40 दोपहिया वाहन पल भर में आग का गोला बन गए। धुएं का गुबार इतनी तेजी से ऊपरी मंजिलों की ओर बढ़ा कि वहां रह रहे किराएदारों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। इस चार मंजिला इमारत में करीब 50 कमरे थे, जहां नौकरीपेशा लोगों के परिवार रहते थे। आग की भीषणता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरे भवन में अफरा-तफरी मच गई और लोगों को अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों और छतों का सहारा लेना पड़ा।
रेस्क्यू ऑपरेशन: सीढ़ियों के पुल से बचाई 50 जिंदगियां
आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की सात गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन ममूरा की संकरी गलियां और वहां जमा भारी भीड़ दमकल कर्मियों के लिए सबसे बड़ी बाधा साबित हुईं। दमकल गाड़ियों को मुख्य सड़क पर ही खड़ा करना पड़ा और लंबी पाइपलाइन के जरिए आग पर काबू पाने की जद्दोजहद शुरू हुई।
बचाव अभियान की सबसे सराहनीय कड़ी फायर ब्रिगेड की वह तकनीक रही, जिसमें जलती हुई इमारत की छत से सामने वाली इमारत की छत के बीच सीढ़ियों का अस्थायी पुल (Bridge) बनाया गया। इस जोखिम भरे रास्ते का इस्तेमाल करके दमकल कर्मियों ने करीब 50 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला। करीब तीन घंटे तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आग पर पूर्णतः काबू पाया जा सका।
लापरवाही की जांच, मालिक हिरासत में
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भवन मालिक को हिरासत में ले लिया है। मुख्य जांच का विषय यह है कि क्या इस बहुमंजिला इमारत में अग्नि सुरक्षा के अनिवार्य मापदंडों का पालन किया गया था या नहीं। क्या बेसमेंट में वाहनों की पार्किंग और चार्जिंग के लिए पर्याप्त वेंटिलेशन और अग्निशमन उपकरण मौजूद थे? इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए पुलिस की एक टीम तकनीकी जांच में जुटी है।
घटना के बाद से ममूरा के स्थानीय निवासियों में इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग को लेकर भारी चिंता देखी जा रही है। एक ओर जहां स्नेहा श्रीवास्तव के परिजनों को सूचना देकर उन्हें नोएडा बुलाया गया है, वहीं अज्ञात युवक की शिनाख्त के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज और लापता लोगों की शिकायतों का मिलान किया जा रहा है। यह अग्निकांड उन सभी लोगों के लिए एक गंभीर चेतावनी है जो भीड़भाड़ वाले आवासीय परिसरों में इलेक्ट्रिक वाहनों को असुरक्षित तरीके से चार्ज करते हैं।





















































