उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह से मेहरबान हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के लिए अगले सात दिनों का अत्यंत महत्वपूर्ण पूर्वानुमान जारी करते हुए ‘आफत की बारिश’ की चेतावनी दी है। मौसम केंद्र, लखनऊ की रिपोर्ट के अनुसार, आगामी सप्ताह में राज्य के लगभग सभी हिस्सों में मूसलाधार बारिश, भीषण वज्रपात (बिजली गिरना) और तूफानी हवाओं का दौर चलेगा। विभाग ने विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों के लिए 10 और 11 जुलाई को ‘अति भारी वर्षा’ का अलर्ट जारी किया है। प्रदेशवासी अब मानसून की इस व्यापक सक्रियता के लिए तैयार हो जाएं, क्योंकि आने वाले दिन मौसम के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं।
आंधी-तूफान का कहर: 60 किलोमीटर की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल बारिश ही नहीं, बल्कि तेज हवाएं भी आम जनजीवन के लिए खतरा बन सकती हैं। सोमवार को जारी बुलेटिन के अनुसार, 7 जुलाई से ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के विभिन्न इलाकों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी, जो झोंकों के रूप में 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं। इन तेज हवाओं के कारण पुराने पेड़ों, कच्चे मकानों और बिजली के खंभों को भारी नुकसान पहुंचने की प्रबल संभावना है।
बारिश का ‘डेटा’ और जिलों का हाल: कहाँ कितनी हुई वर्षा?
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो मानसून ने प्रदेश के कोने-कोने में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर स्थित चुनार में 120 मिमी और लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी में 114 मिमी बारिश के साथ जलप्लावन की स्थिति देखी गई है। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश भी पीछे नहीं रहा, जहां हमीरपुर के राठ में 120 मिमी, औरैया में 68.8 मिमी और जालौन के कालपी में 60 मिमी बारिश दर्ज की गई।
इसके अतिरिक्त, राज्य के अन्य महत्वपूर्ण जिलों जैसे आजमगढ़, जौनपुर, लखनऊ, प्रयागराज, ललितपुर, संभल, बागपत, बरेली, मेरठ और इटावा में भी मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहा। इन आंकड़ों से साफ है कि मानसून की सक्रियता पूरे उत्तर प्रदेश में समान रूप से बनी हुई है, जिससे आने वाले दिनों में नदियां और जलभराव वाले क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की आशंका है।
भारी बारिश के दौरान बरतें सावधानी, विभाग ने जारी की एडवायजरी
मौसम विभाग ने खराब मौसम को देखते हुए आम नागरिकों के लिए सुरक्षात्मक परामर्श (Advisory) जारी किया है। विभाग की सलाह है कि:
- खुले स्थानों से बचें: आकाशीय बिजली गिरने के दौरान खुले खेतों या खुले मैदानों में न रहें।
- पेड़ों और खंभों से दूरी: तेज हवाओं और आंधी के दौरान पुराने पेड़ों, बिजली के खंभों, होर्डिंग्स और कमजोर ढांचों के नीचे कतई न खड़े हों।
- सचेत रहें: यदि आप बाहर हैं, तो किसी पक्के आश्रय में चले जाएं। किसानों को सुझाव दिया गया है कि वे अपने खेतों में काम करते समय मौसम का अपडेट लेते रहें और बिजली कड़कने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि 10 और 11 जुलाई को पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए जारी किया गया ‘अति भारी वर्षा’ का अनुमान कृषि क्षेत्र के लिए जहां फायदेमंद हो सकता है, वहीं शहरी इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। प्रशासन को भी अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।





















































