उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली बड़ी दुर्घटना सामने आई है। जिले के गंगोह थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नया गांव में स्थित एक पटाखा निर्माण फैक्ट्री में शुक्रवार की शाम अचानक एक शक्तिशाली विस्फोट हो गया। इस खौफनाक हादसे की तीव्रता इतनी जबरदस्त थी कि धमाके की आवाज दो किलोमीटर दूर तक साफ तौर पर सुनी गई और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया। इस भीषण दुर्घटना में मध्य प्रदेश के रहने वाले दो युवा श्रमिकों के चिथड़े उड़ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। घटना के बाद से पूरे इलाके में कोहराम मचा हुआ है और प्रशासनिक अमले में हड़कंप है।
दो किलोमीटर तक महसूस हुआ कंपन, एमपी के दो युवकों की मौत
पुलिस अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा शुक्रवार शाम करीब पांच बजे राणा फायर वर्क्स नामक पटाखा फैक्ट्री में हुआ। शुरुआती जांच-पड़ताल में इस बात की आशंका जताई जा रही है कि फैक्ट्री परिसर में विस्फोटक सामग्री के भंडारण, रख-रखाव या उसके इस्तेमाल के दौरान सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी की गई होगी, जिसके परिणामस्वरूप यह विकराल विस्फोट हुआ।
अपर पुलिस अधीक्षक मयंक पाठक ने मीडिया को विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि धमाका इतना ज्यादा शक्तिशाली था कि उसकी गूंज ने दूर-दराज के गांवों के लोगों को भी सहमा दिया। फैक्ट्री से उठते धुएं के काले बादलों को देखकर आसपास के ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। इस बीच पुलिस और दमकल विभाग (फायर ब्रिगेड) की टीमें भी फौरन मौके पर पहुंच गईं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। इस भीषण हादसे में जान गंवाने वाले दोनों युवकों की शिनाख्त मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के रहने वाले दीपक (23) और संदीप (25) के रूप में हुई है। विस्फोट की विभीषिका इतनी भयानक थी कि दोनों के शव पूरी तरह क्षत-विक्षत हो चुके थे, जिससे उनकी पहचान करने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।
ठेकेदार समेत दो अन्य लोग लापता, तलाश जारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अरविंद चौहान और पुलिस अधीक्षक अभिनंदन समेत जिले के तमाम आला अधिकारियों ने तत्काल घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लेते हुए उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए। अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के वक्त फैक्ट्री में मौजूद एक ठेकेदार और उसका एक अन्य कर्मचारी मौके से लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने बताया कि लापता व्यक्तियों की पहचान आकाश रावत और लालू के रूप में हुई है।
इस जबरदस्त धमाके की चपेट में आने से फैक्ट्री भवन का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से नेस्तनाबूद और क्षतिग्रस्त हो गया है। वहां काम करने वाले अन्य श्रमिकों ने पुलिस को बताया कि आगामी त्योहारों और विशेष तौर पर दीपावली के मद्देनजर फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर पटाखों का निर्माण किया जा रहा था, जिसके चलते परिसर के भीतर भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री का भंडारण किया गया था।
पांच साल पुरानी थी फैक्ट्री, सुरक्षा मानकों की होगी मजिस्ट्रेट जांच
प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार, यह पटाखा फैक्ट्री पिछले पांच वर्षों से इसी परिसर में सुचारू रूप से संचालित हो रही थी और इसका लाइसेंस वर्ष 2028 तक वैध बताया गया है। हालांकि, इतने बड़े हादसे के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। जिलाधिकारी अरविंद चौहान ने दुर्घटना स्थल का मुआयना करने के बाद तत्काल प्रभाव से फैक्ट्री को सील करवा दिया है।
मामले की तह तक जाने और कारणों का पता लगाने के लिए उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के माध्यम से मजिस्ट्रेट जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसके अलावा, स्थिति की तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के लिए विस्फोटक विशेषज्ञों (एक्सप्लोसिव एक्सपर्ट्स) की टीम के साथ-साथ फॉरेंसिक यूनिट को भी मौके पर बुलाया गया है, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य संकलित किए हैं। प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि क्या लाइसेंस की शर्तों और निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करने में कोई लापरवाही बरती गई थी, जिसके कारण इतनी बड़ी मानवीय त्रासदी घटित हुई।





















































