अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे और दान को लेकर चल रही अफवाहों पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूरी पारदर्शिता के साथ विराम लगा दिया है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने मंगलवार को मंदिर के खजाने का आधिकारिक ब्योरा साझा करते हुए स्पष्ट किया कि रामभक्तों द्वारा अर्पित की गई हर एक वस्तु पूरी तरह सुरक्षित और संरक्षित है। ट्रस्ट ने आंकड़ों के साथ बताया कि फिलहाल उनके पास 32 किलोग्राम से अधिक स्वर्ण सामग्री और 1,500 किलोग्राम से अधिक रजत सामग्री मौजूद है।
हीरा जड़ित हार से लेकर स्वर्ण रामायण तक, हर वस्तु का है पुख्ता रिकॉर्ड
ट्रस्ट ने इससे पूर्व सोमवार को मीडिया के समक्ष उन अनमोल उपहारों को प्रदर्शित किया था, जिन्हें लेकर पिछले कुछ समय से भ्रामक खबरें फैलाई जा रही थीं। इनमें स्वर्ण जड़ित ‘श्री रामचरितमानस’, दुर्लभ हीरा जड़ित हार, चांदी की दिव्य चरण पादुकाएं और काकभुशुंडी की विशेष कलाकृति शामिल हैं। कोषाध्यक्ष ने बताया कि मंदिर को दान में मिली कुल 2,926 कीमती वस्तुओं का सूचीकरण किया गया है। इन वस्तुओं में मुकुट, हार, चांदी की ईंटें और अन्य धार्मिक आभूषण शामिल हैं, जिनका दानकर्ता के विवरण, दान की तिथि और शुद्धता के प्रमाण पत्र के साथ विस्तृत रिकॉर्ड रखा गया है।
31 मार्च 2026 तक का विस्तृत लेखा-जोखा: आंकड़ों में समझें दान की स्थिति
कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने दान के आंकड़ों को वर्षवार स्पष्ट करते हुए बताया कि ट्रस्ट की वित्तीय पारदर्शिता पर कोई भी सवाल बेबुनियाद है:
- स्वर्ण सामग्री: 31 मार्च 2024 तक 16.765 किलो, वर्ष 2024-25 में 10.445 किलो और वर्ष 2025-26 में 5.050 किलो। इस प्रकार 31 मार्च 2026 तक कुल सोने जैसी सामग्री 32.259 किलोग्राम हो गई है।
- रजत सामग्री: ट्रस्ट के पास कुल 1518.925 किलोग्राम चांदी और चांदी जैसी वस्तुएं हैं, जिनमें सरकारी टकसाल में शुद्ध की गई 849.272 किलोग्राम रिफाइंड चांदी भी शामिल है।
‘स्वतंत्र ऑडिट और भौतिक सत्यापन’: पारदर्शिता की ठोस गारंटी
कोषाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट केवल दान ले ही नहीं रहा, बल्कि उसका वैज्ञानिक प्रबंधन भी कर रहा है। रिफाइनिंग के लिए भेजी गई चांदी को भारत सरकार की टकसाल में प्रसंस्कृत किया गया है, जिसके बाद उनकी तस्वीरों, वजन और शुद्धता के प्रमाण पत्रों को सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने जानकारी दी कि हर साल एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) फर्म द्वारा इन सभी वस्तुओं का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया जाता है, जिससे अनियमितता की कोई गुंजाइश नहीं बचती। उन्होंने आरोप लगाने वालों को सलाह दी कि वे बिना तथ्य के भ्रम न फैलाएं, बल्कि किसी के पास ठोस सबूत हो तो उसे जांच कर रही विशेष अन्वेषण दल (SIT) के सामने रखे।
प्रशासनिक मजबूती के लिए बड़ा कदम: अब CEO संभालेंगे कमान
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट ने अपनी प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने का निर्णय लिया है। दान में हेराफेरी के आरोपों के बाद ट्रस्ट की वित्तीय और प्रशासनिक प्रणाली में व्यापक सुधार करते हुए एक मुख्य अधिशासी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति का फैसला लिया गया है, जो मंदिर के कामकाज को और अधिक व्यवस्थित करेंगे।
ज्ञात हो कि इस मामले में प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT ने अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, घटना की गंभीरता को देखते हुए ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं और कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ट्रस्ट ने दोहराया है कि दोषी कोई भी हो, कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



















































