उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी और सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के प्रयागराज में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने के बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अजय राय ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार के दबाव में आकर केपी ट्रस्ट ने ऐन वक्त पर कार्यक्रम की पूर्व से स्वीकृत एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) को निरस्त किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि केंद्र और राज्य की सत्ताधारी पार्टी राहुल गांधी के युवाओं और विद्यार्थियों के बीच बढ़ते जनाधार से घबराकर उनके कार्यक्रमों में लगातार अड़ंगे लगा रही है।
30 जुलाई को मिली थी लिखित मंजूरी, अब बनाया जा रहा अनुचित दबाव
पूरे मामले का ब्योरा साझा करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने दावा किया कि 8 अगस्त को शाम 5 बजे प्रयागराज के ऐतिहासिक केपी ग्राउंड में आयोजित होने वाले संवाद कार्यक्रम के लिए 30 जुलाई को ही केपी ट्रस्ट से विधिवत अनुमति प्राप्त कर ली गई थी। पार्टी के पास इसके पुख्ता दस्तावेज और लिखित अनुमति पत्र मौजूद हैं। हालांकि, कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर थीं कि अचानक ट्रस्ट ने अदालत के पुराने आदेशों का हवाला देते हुए और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की बात कहकर पूर्व में जारी मंजूरी को वापस ले लिया। कांग्रेस का आरोप है कि ट्रस्ट का यह फैसला स्वतंत्र नहीं है, बल्कि प्रशासनिक और सरकारी दबाव का नतीजा है।
कोटा और देहरादून में भी व्यवधान डालने की कोशिश का आरोप
अजय राय ने यह भी स्पष्ट किया कि ‘छात्रों की गूंज’ केवल एक जनसभा नहीं, बल्कि देश भर में युवाओं और छात्रों की समस्याओं को समझने का एक राष्ट्रव्यापी अभियान है। इससे पहले राजस्थान के कोटा और उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान भी भाजपा नीत सरकारों ने इसी तरह का प्रशासनिक अमला खड़ा कर राहुल गांधी के आयोजनों को बाधित करने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी ठीक वही कार्यप्रणाली दोहराई जा रही है ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के मुद्दों पर बातचीत को रोका जा सके।
पेपर लीक और युवाओं के भविष्य को लेकर तीखा हमला
संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने देश भर में हो रही प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामले पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देश के करोड़ों अभ्यर्थियों के भविष्य को अधर में लटकाने के पीछे गुजरात से जुड़ी कुछ प्रभावशाली निजी कंपनियों और एजेंसियों का हाथ है। राहुल गांधी इसी ज्वलंत विषय पर देश भर के युवाओं, विशेषकर उन अभ्यर्थियों से सीधे बात करने आ रहे थे जो दिन-रात पढ़ाई करके अपने भविष्य को लेकर आशंकित हैं। सरकार को यह डर है कि अगर राहुल गांधी प्रयागराज में छात्रों से संवाद करेंगे, तो धांधली की सच्चाई सामने आ जाएगी।
नियम-कानूनों का हो रहा पालन, लोकतांत्रिक तरीके से होगा आयोजन
प्रशासनिक स्तर पर की गई कार्रवाई की जानकारी देते हुए अजय राय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल स्थानीय पुलिस अधिकारियों और एडीसीपी से मुलाकात कर चुका है। पार्टी ने प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत मांगे गए सभी आवश्यक वैधानिक कागजात और दस्तावेज सौंप दिए हैं। कांग्रेस पूरी तरह से कानून और संविधान के दायरे में रहकर अपनी गतिविधियों का संचालन कर रही है। अजय राय ने स्पष्ट किया कि सरकार चाहे कितनी भी बाधायें उत्पन्न करे, कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती और लोकतांत्रिक तरीकों के साथ युवाओं, विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों की आवाज बुलंद करती रहेगी।





















































