उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। बरसठी थाना क्षेत्र के गारोपुर गांव में सबमर्सिबल पंप लगाने के लिए खोदे गए एक खुले गड्ढे ने दो हंसते-खेलते मासूमों की जान ले ली। बुधवार की शाम घर के बाहर खेलते समय दोनों बच्चे अचानक लापता हो गए और बाद में उनके शव उसी पानी भरे गड्ढे से बरामद हुए। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है, वहीं बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
खेलते-खेलते अचानक हुए गायब, तलाश में भटके परिजन
बुधवार की शाम करीब 5 बजे का वक्त था। गांव के रहने वाले 6 वर्षीय शिवम और 5 वर्षीय आरव अपने घर के आसपास खेल रहे थे। खेलते-खेलते दोनों अचानक परिजनों की आंखों से ओझल हो गए। जब काफी देर बीत जाने के बाद भी मासूम घर नहीं लौटे, तो परिजनों को अनहोनी की चिंता सताने लगी। बदहवास परिजनों और ग्रामीणों ने मिलकर गांव के चप्पे-चप्पे में बच्चों की तलाश शुरू कर दी। हर कोई बच्चों का नाम पुकारते हुए उन्हें ढूंढने में लगा था।
100 मीटर दूर मिला मौत का कुआं, कीचड़ में फंसे मिले बच्चे
काफी खोजबीन के बाद परिजनों के कदम घर से महज 100 मीटर दूर एक ऐसे स्थान पर ठिठक गए, जहां सबमर्सिबल पंप लगाने के लिए बोरवेल की खुदाई की गई थी। उस गड्ढे में बारिश का पानी लबालब भरा हुआ था। जब ग्रामीणों ने गड्ढे के अंदर झांका, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। दोनों मासूम बच्चे गहरे पानी और कीचड़ के दलदल में बुरी तरह फंसे हुए थे और अचेत अवस्था में पड़े थे। यह दृश्य देखकर मौके पर चीख-पुकार मच गई।
एक छोटी सी लापरवाही ने ली दो जिंदगियां
मड़ियाहूं के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) नवीन कुमार ने घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि गारोपुर निवासी अच्छेलाल उर्फ पप्पू गौतम ने मंगलवार को ही अपने परिसर में पानी की सुविधा के लिए बोरवेल खुदवाया था। खुदाई के बाद उस गहरे गड्ढे को मिट्टी से पाटने या ढकने के बजाय अत्यधिक लापरवाही से खुला छोड़ दिया गया। हाल ही में हुई बारिश के कारण वह खुला गड्ढा पानी से भर गया और खेलते हुए मासूम बच्चों के लिए मौत का जाल बन गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित, 4-4 लाख का मिलेगा मुआवजा
गड्ढे से निकालकर ग्रामीणों ने बिना एक पल गंवाए बच्चों को कटवार बाजार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हालत बेहद गंभीर होने के कारण उन्हें वहां से तुरंत सुरियावां के एक बड़े अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने गहन जांच के बाद दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया।
एसडीएम नवीन कुमार ने आश्वासन दिया है कि पुलिस ने इस पूरे प्रकरण में मामला दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन इस मामले की बारीकी से जांच कराएगा और जिस किसी की भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही प्रशासन की ओर से दोनों पीड़ित परिवारों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की गई है।





















































