उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद में मौसम के अचानक बिगड़े मिजाज और प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर से भारी तबाही मचाई है। सोरांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत सोमवार की देर शाम मानसूनी बारिश के बीच गिरी आकाशीय बिजली ने ऐसा तांडव मचाया कि दो लोगों की सांसें हमेशा के लिए थम गईं, जबकि छह अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से झुलसकर जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। इस हृदयविदारक दुर्घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रशासनिक सूत्रों और स्थानीय पुलिस से प्राप्त विवरण के अनुसार, यह पूरी घटना सोरांव क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रघुवंशपुर उर्फ रेरुआ गांव में घटी है, जहां अचानक हुए इस वज्रपात ने पल भर में कई हंसते-खेलते परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया।
बकरी चराने गए थे ग्रामीण, अचानक शुरू हुई बारिश से बचने के लिए बाग में ली थी शरण
पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस भीषण हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों की पहचान रघुवंशपुर के रहने वाले 48 वर्षीय संजीत कुमार और बैरहना सम्हई गांव के निवासी 40 वर्षीय नागेश कुमार के रूप में हुई है। शुरुआती विवरण से पता चला है कि ये दोनों व्यक्ति अन्य लोगों के साथ मिलकर मवेशी यानी बकरियां चराने के लिए खेतों की तरफ गए हुए थे।
दोपहर बाद जब आसमान में अचानक घने काले बादल छा गए और मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, तो ये सभी लोग बारिश के पानी से बचने के लिए पास ही स्थित एक अमरूद के बाग में जा पहुंचे। खुद को और अपने मवेशियों को बचाने के लिए वे सब एक बड़े पेड़ के नीचे खड़े होकर मौसम के शांत होने का इंतजार करने लगे। किसी को इस बात का अंदेशा नहीं था कि कुछ ही पलों में प्रकृति का यह क्रूर रूप उनके लिए काल बनकर टूट पड़ेगा।
वज्रपात की चपेट में आए आठ लोग, दो की मौके पर ही गई जान और छह गंभीर
जैसे ही ग्रामीण पेड़ के नीचे खड़े थे, तभी बादलों की भयंकर गर्जना के साथ एक तीव्र आकाशीय बिजली सीधे उसी पेड़ और उसके आसपास के क्षेत्र पर आ गिरी। इस शक्तिशाली वज्रपात की चपेट में वहां खड़े सभी लोग आ गए। बिजली के भारी झटके और प्रलयकारी प्रहार से संजीत कुमार और नागेश कुमार की मौके पर ही दर्दनाक मृत्यु हो गई।
इसके अलावा इस हादसे की विभीषिका का शिकार हुए अन्य छह लोग—सोनू, अजय कुमार, अंजय, राज कुमार और खुन्नू मिश्र समेत सभी गंभीर रूप से झुलस गए। तेज धमाके और चीख-पुकार की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत दौड़कर मौके पर पहुंचे और प्रशासन को सूचना दी।
अस्पताल में चल रहा है घायलों का इलाज, प्रशासन ने दिए सहायता के निर्देश
घटना की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आया तथा दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गया। पुलिस ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू करते हुए सभी छह गंभीर रूप से झुलसे हुए लोगों को तत्काल प्रभाव से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज किया जा रहा है।
प्रशासन ने दोनों मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरवाया और उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। इस दुखद घटना के बाद जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और सरकार की नियमानुसार योजनाओं के तहत मृतकों के आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा घायलों का उत्तम उपचार सुनिश्चित करने का पूरा आश्वासन दिया है।





















































