उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने विपक्षी दलों के दिग्गज नेताओं राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार किया है। एक विशेष साक्षात्कार के दौरान उन्होंने दोनों नेताओं की कार्यशैली, बयानों और राजनीतिक रुख पर गंभीर सवाल खड़े किए। राजभर ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि विपक्ष को देश की चुनावी प्रणाली और संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं है और वे गड़बड़ी के आरोप लगाते हैं, तो उन्हें नैतिकता के आधार पर अपने सांसद पद से इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि वे भी इसी व्यवस्था के तहत चुनाव जीतकर संसद पहुंचे हैं।
संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल और इस्तीफे की चुनौती
विपक्षी दलों द्वारा लगातार चुनाव आयोग और निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार करते हुए सुभासपा प्रमुख ने कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव का रवैया पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि जिस तरह अखिलेश यादव दूसरों के इशारों पर चलते हैं और अपने ही बयानों पर टिके नहीं रहते, वैसी ही स्थिति राहुल गांधी की भी है।
राजभर ने कड़े शब्दों में कहा कि ये दोनों नेता उसी व्यवस्था के तहत सांसद बने हैं, जिसकी आज ये आलोचना कर रहे हैं। यदि इनके दावे के मुताबिक चुनावों में गड़बड़ियां हो रही हैं और वोट चुराए जा रहे हैं, तो इन्हें अपनी नैतिकता दिखाते हुए सबसे पहले लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देना चाहिए, लेकिन हकीकत यह है कि ये लोग केवल बयानबाजी करना जानते हैं और त्यागपत्र देने के नाम पर पीछे हट जाते हैं।
अभिजीत दिपके की गिरफ्तारी और कानून का राज
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके की हिरासत से जुड़े मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए ओम प्रकाश राजभर ने स्पष्ट किया कि देश और प्रदेश में कानून का शासन सर्वोपरि है। यदि कोई भी व्यक्ति बिना किसी वैधानिक अनुमति के किसी प्रकार की यात्रा या जुलूस का आयोजन करता है, तो पुलिस प्रशासन के लिए कानून सम्मत कार्रवाई करना अनिवार्य हो जाता है। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में पुलिस को अपने नियमानुसार कदम उठाने का पूरा अधिकार है।
इसके साथ ही, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा राहुल गांधी पर युवाओं और छात्रों को गुमराह करने के लगाए गए आरोपों का समर्थन करते हुए राजभर ने कहा कि विपक्ष की मंशा हमेशा से माहौल बिगाड़ने की रही है। पच्चीस वर्ष से अधिक आयु का नागरिक भली-भांति जानता है कि देश में क्या कार्य हो रहा है, जबकि पच्चीस वर्ष से कम उम्र के युवाओं को उकसाकर ये लोग राजनीतिक रोटियां सेकना चाहते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश में कानून का राज है और इनके मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे।
अखिलेश यादव की कार्यशैली और परिवारवाद पर करारा तंज
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर व्यक्तिगत और राजनीतिक कटाक्ष करते हुए मंत्री राजभर ने कहा कि उनका दिन सोशल मीडिया पोस्ट और प्रेस कॉन्फ्रेंस तक ही सीमित है। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव दोपहर बारह बजे सोकर उठते हैं और उन्हें सिर्फ ‘एक्स’ पर पोस्ट करना होता है, इसके बाद उन्हें पीसी (प्रेस कॉन्फ्रेंस) करनी होती है, इसके अलावा उनके पास करने के लिए कोई दूसरा काम नहीं बचा है।
दलितों और पिछड़ों के मुद्दों पर बोलते हुए ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी पर तीखा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन सभी दलों ने हमेशा अति पिछड़ों और वंचितों के साथ छलावा किया है। राज्यसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए उन्होंने सवाल किया कि क्या समाजवादी पार्टी के पास कोई अन्य योग्य पिछड़ा या दलित नेता नहीं था? सपा ने एक सीट अपने परिवार को दे दी और दूसरी सीट किसी बड़े पूंजीपति (धन्नासेठ) को थमा दी। उन्होंने तंज कसते हुए सपा को ‘समाजवादी पार्टी’ की बजाय ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ करार दिया।



















































