उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट के अंतर्गत ग्रेटर नोएडा में अपराध नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियानों के तहत स्थानीय पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। थाना बीटा-2 पुलिस ने दोपहिया वाहन चुराने वाले एक सक्रिय और शातिर गिरोह का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को धर दबोचा है। पुलिस ने इन शातिर अपराधियों के पास से दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न इलाकों से उड़ाई गई कुल 12 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इसके साथ ही वाहनों की पहचान छिपाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली चार फर्जी नंबर प्लेट, एक मास्टर चाबी के रूप में प्रयुक्त पेचकस और एक अवैध चाकू भी जब्त किया गया है। इस कार्रवाई से वाहन चोरों के बीच हड़कंप मच गया है।
सुनियोजित तरीके से देते थे वारदातों को अंजाम
पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह सफलता 16 अक्टूबर को स्थानीय इंटेलिजेंस और प्रभावी बीट पुलिसिंग के माध्यम से मिली खुफिया सूचना के आधार पर मिली। थाना बीटा-2 पुलिस ने पुख्ता रणनीति के तहत सेक्टर गामा-1 स्थित ग्रीन बेल्ट की झाड़ियों के पास घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए शातिर बदमाशों की पहचान प्रबल यादव उर्फ प्रदीप और सोहिल के रूप में हुई है। प्राथमिक पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि ये शातिर अपराधी पहले सुनसान जगहों या पार्किंग स्थलों पर खड़े दोपहिया वाहनों की रैकी करते थे। इसके बाद पेचकस को मास्टर चाबी की तरह इस्तेमाल कर पलक झपकते ही बाइक का लॉक तोड़कर उसे चुरा लेते थे। पुलिस पकड़ से बचने और वाहनों की पहचान छिपाने के लिए ये आरोपी चोरी की मोटरसाइकिलों के चेसिस नंबर को घिसकर मिटा देते थे और उन पर फर्जी नंबर प्लेट चस्पा कर देते थे, जिससे किसी को शक न हो।
बरामद वाहनों का विवरण और आपराधिक इतिहास
पुलिस की छानबीन में यह बात सामने आई है कि बरामद की गई कुल 12 मोटरसाइकिलों में से 3 वाहनों के संबंध में पहले से ही विभिन्न थानों में चोरी के मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा शेष मोटरसाइकिलों को दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और हरियाणा के आसपास के क्षेत्रों से चुराया जाना स्वीकार किया गया है। बरामद वाहनों में 11 मोटरसाइकिलें हीरो स्प्लेंडर और एक बजाज पल्सर शामिल है। पुलिस अब इन बाइकों के असली मालिकों का पता लगाने के साथ-साथ अन्य मामलों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। गिरफ्तार अभियुक्तों का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद लंबा और संगीन है। मुख्य आरोपी प्रबल यादव मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के थाना नारखी अंतर्गत ग्राम भरतपुरा का रहने वाला है और वर्तमान में गौतमबुद्धनगर के बिसरख थाना क्षेत्र के बिसरख जलालपुर में निवास कर रहा था। उसके खिलाफ गौतमबुद्धनगर, संभल, फिरोजाबाद, आगरा और फरीदाबाद में वाहन चोरी, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट समेत विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत वर्ष 2015 से 2026 के बीच कई मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, दूसरे आरोपी सोहिल का संबंध राजस्थान के डीग जिले के थाना खोह अंतर्गत ग्राम कावंगावास से है, जिसके विरुद्ध भी बीटा-2, गुन्नौर (संभल) और मुजेसर (फरीदाबाद) थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस इस गिरोह के अन्य संभावित साथियों और संलिप्त ठिकानों की तलाश कर रही है।



















































