दिल्ली से सटे हाईटेक शहर नोएडा में कमिश्नरेट पुलिस ने एक बार फिर अपराधियों के हौसले पस्त करते हुए बड़ी कामयाबी हासिल की है। नोएडा के थाना सेक्टर-39 क्षेत्र में चेकिंग के दौरान पुलिस और शातिर वाहन चोरों के बीच आमने-सामने की मुठभेड़ हो गई। इस हिंसक मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी कार्रवाई के दौरान एक शातिर वाहन चोर गोली लगने से घायल हो गया, जिसे आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है। वहीं, पुलिस ने घेराबंदी करते हुए उसके एक नाबालिग सहयोगी को भी मौके से हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने इनके पास से चोरी की कार, बाइक और अवैध हथियार बरामद किए हैं।
संदिग्ध कार को रुकने का इशारा किया तो पुलिस पर झोंक दिया फायर
पूरी घटना का ब्योरा देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 7 जुलाई को थाना सेक्टर-39 पुलिस की एक टीम जीआईपी मॉल के आसपास के रास्तों पर संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की सघन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान लेबर चौक की दिशा से एक सफेद रंग की तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार आती हुई दिखाई दी। पुलिसकर्मियों ने जब कार की संदेहास्पद स्थिति को देखते हुए उसे रुकने का इशारा किया, तो चालक ने गाड़ी रोकने के बजाय उसकी रफ्तार और बढ़ा दी।
आरोपी पुलिस टीम को चकमा देकर वाहन को ग्राम सदरपुर की तरफ तेजी से भगाने लगा। खतरे को भांपते हुए थाना पुलिस ने तत्काल इस बात की सूचना जिला पुलिस कंट्रोल रूम को दी और खुद भी बदमाशों की गाड़ी का पीछा करना शुरू कर दिया।
सेक्टर-42 के जंगलों में घेराबंदी, जवाबी फायरिंग में घायल हुआ मुख्य आरोपी
पुलिस की कई गाड़ियों को अपने पीछे आते देख और खुद को चौतरफा घिरता पाकर बदमाशों ने कार को सेक्टर-42 के जंगलों की तरफ मोड़ दिया। आगे रास्ता न मिलने पर आरोपी कार को वहीं छोड़कर पैदल ही घने जंगलों की तरफ भागने लगे। पुलिस टीम ने जब हार न मानते हुए उनका पीछा जारी रखा, तो मुख्य आरोपी ने खुद को कानून के शिकंजे से बचाने के लिए पुलिस टीम पर सीधे जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी।
बदमाशों की तरफ से गोलियां चलते ही पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की। पुलिस द्वारा चलाई गई गोली सीधे मुख्य आरोपी के पैर में जा लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने तुरंत आगे बढ़कर उसे दबोच लिया। पूछताछ में घायल बदमाश की पहचान 22 वर्षीय भानु उर्फ सागर के रूप में हुई है। वह वर्तमान में नोएडा के सेक्टर-18 स्थित जे.जे. कॉलोनी में रह रहा था, जबकि मूल रूप से वह उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के अंतर्गत आने वाले रानीखेत क्षेत्र का निवासी है।
मौके से नाबालिग साथी भी गिरफ्तार, भारी मात्रा में गोला-बारूद और चाकू बरामद
मुख्य आरोपी भानु को काबू में करने के बाद पुलिस ने जंगल में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान (कॉम्बिंग) चलाया। इस दौरान पुलिस ने भानु के साथ भाग रहे उसके एक नाबालिग साथी को भी झाड़ियों के पीछे से ढूंढ निकाला और उसे हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से निम्नलिखित अवैध सामान बरामद हुआ है:
- एक अदद .315 बोर का अवैध देसी तमंचा (मुख्य आरोपी से)
- एक खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस
- एक तीक्ष्ण धारदार अवैध चाकू (नाबालिग साथी से)
इसके अलावा, पकड़े गए नाबालिग आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने नोएडा के मशहूर अट्टा मार्केट इलाके से चोरी की गई एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी बरामद करने में सफलता हासिल की है।
हाल ही में मॉल के पास से उड़ाई थी टैक्सी, आधा दर्जन से ज्यादा मामले हैं दर्ज
कड़ाई से की गई शुरुआती पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपने जुर्म को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने बताया कि बरामद की गई सफेद स्विफ्ट डिजायर कार वास्तव में एक कमर्शियल टैक्सी है, जिसे उन्होंने बीते 6 जुलाई को जीआईपी मॉल के गेट नंबर के पास से उड़ाया था। इस संबंध में थाना सेक्टर-39 में पहले से ही वाहन चोरी का मुकदमा दर्ज था। वहीं, दो दिन पहले ही उन्होंने अट्टा मार्केट से स्प्लेंडर बाइक पर भी हाथ साफ किया था।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, पकड़ा गया भानु उर्फ सागर कोई नौसिखिया अपराधी नहीं है, बल्कि वह एक पेशेवर और पुराना वाहन चोर है, जो पहले भी कई बार जेल की हवा खा चुका है। उसके खिलाफ नोएडा के थाना सेक्टर-20 और सेक्टर-39 सहित विभिन्न थानों में वाहन चोरी, आर्म्स एक्ट (आयुध अधिनियम) और अन्य आपराधिक धाराओं के तहत आधा दर्जन से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस गिरोह के अन्य नेटवर्क को खंगालने में जुटी
फिलहाल घायल आरोपी भानु का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जहां उसकी स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, जानलेवा हमला करने और आर्म्स एक्ट के तहत नई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। नाबालिग आरोपी के मामले में किशोर न्याय अधिनियम (जुवेनाइल जस्टिस एक्ट) के तहत तय प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है। नोएडा पुलिस अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि इन दोनों का संबंध दिल्ली-एनसीआर के किसी बड़े अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह से तो नहीं है, और इन्होंने अब तक और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।



















































