बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलंदशहर में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्षी दल समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर तीखे प्रहार किए। करीब 574 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद, मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों के कामकाज के तौर-तरीकों को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने बिना नाम लिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की कार्यशैली पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पहले सत्ता ‘विरासत’ के नाम पर केवल कुछ लोगों के मनोरंजन का साधन बनकर रह गई थी।
‘दोपहर 2 बजे उठना और शाम को जिम’: कार्यशैली पर सवाल
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पूर्व की स्थितियों को याद करते हुए कहा कि उस दौर में सत्ता में बैठे लोगों के पास प्रदेश की जनता के लिए कोई समय नहीं था। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “उस समय ‘बबुआ’ दोपहर 2 बजे सोकर उठते थे और तैयार होते थे, फिर शाम 5 बजे जिम जाने का समय हो जाता था और रात अपनी महफिलों में बीत जाती थी।” मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उस दौर में युवाओं, किसानों, महिलाओं और व्यापारियों की समस्याओं को सुनने के लिए कोई जगह नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा अध्यक्ष के पास न तो प्रदेश के विकास का कोई विजन था और न ही गरीबों व उद्यमियों के लिए कोई ठोस योजना।
बंद चीनी मिलें और ‘बीमारू’ राज्य का कलंक
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वर्ष 2007 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को जानबूझकर गर्त में धकेला गया। उन्होंने दावा किया कि इस अवधि में राज्य की 29 चीनी मिलें बंद कर दी गईं और उनमें से 21 को कौड़ियों के दाम पर बेच दिया गया। योगी आदित्यनाथ ने कहा, “आज ‘डबल इंजन’ की भाजपा सरकार बंद पड़ी मिलों को न केवल फिर से शुरू कर रही है, बल्कि प्रदेश को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले की सरकारें प्रदेश को ‘बीमारू राज्य’ की श्रेणी में धकेलने की दोषी हैं, जबकि अब यूपी इस दंश से पूरी तरह बाहर निकल चुका है।
‘जिन्ना के उपासक’ बनाम जनहित की राजनीति
सपा पर सीधा हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें ‘जिन्ना के उपासक’ करार दिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने हमेशा गन्ना किसानों के हितों के साथ समझौता किया, युवाओं को बेरोजगारी की आग में झोंका और माताओं-बहनों की सुरक्षा को दांव पर लगा दिया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनके शासनकाल में व्यापारियों और उद्यमियों में दहशत का माहौल था। वहीं, आज के शासन में सुरक्षा, सुशासन और विकास के मंत्र पर काम हो रहा है।
भविष्य की ओर बढ़ता नया उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत विरासत और विकास दोनों को साथ लेकर चल रहा है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे प्रदेश की निरंतर बढ़ती प्रगति को समझें। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि “भगवान राम ने पहले ही तय कर दिया है कि जो लोग पूर्व में कुछ नहीं कर पाए, वे भविष्य में भी यूपी के लिए कुछ नहीं कर सकेंगे।”
बुलंदशहर में हुए इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का जोर पूरी तरह से ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भाजपाई नीतियों और विपक्षी दलों की ‘परिवारवादी’ राजनीति के अंतर को स्पष्ट करने पर रहा।





















































