लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता ने एक बार फिर से चिंता बढ़ा दी है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले 24 घंटों के भीतर व्यापक और मूसलाधार बारिश की संभावना को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हाई अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश के चलते नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे मैदानी इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। विशेष रूप से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जिसके चलते प्रशासन को एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
हिंडन नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पार
गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) से आई रिपोर्ट ने प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, नोएडा में हिंडन नदी का जलस्तर खतरे के निशान (196 मीटर) को पार कर चुका है। शाम की रिपोर्ट के मुताबिक, नदी 196.16 मीटर के स्तर पर बह रही है। जलस्तर में हो रही निरंतर बढ़ोत्तरी को देखते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने नदी के किनारे वाले क्षेत्रों पर कड़ी निगरानी रखी है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।
लखनऊ और आसपास के जिलों का हाल
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, लखनऊ समेत राज्य के बड़े हिस्से में अगले 24 घंटों तक बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। राजधानी में रविवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। विभाग ने केवल बारिश ही नहीं, बल्कि गरज-चमक के साथ आंधी चलने और कहीं-कहीं बिजली गिरने की भी चेतावनी दी है। नागरिकों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों या पुराने पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
मानसून का असर: बांदा में रिकॉर्ड बारिश
बीते 24 घंटों की बात करें तो बांदा जिला मानसून की मार से सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहाँ 70.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा हमीरपुर (45 मिमी) और गाजीपुर (41.6 मिमी) में भी अच्छी बारिश देखी गई। हालांकि, उत्तर प्रदेश के हर हिस्से में मानसून का एक समान असर नहीं दिख रहा है। जहां एक ओर कानपुर, मेरठ, आगरा और अयोध्या जैसे शहरों में बारिश दर्ज नहीं हुई, वहीं बुंदेलखंड के कुछ इलाकों में उमस और गर्मी बरकरार है, जहाँ पारा 38 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया।
बाढ़ और बिजली गिरने का खतरा
आईएमडी ने आगाह किया है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में ‘बहुत भारी’ बारिश की स्थिति बन सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की समस्या हो सकती है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे संवेदनशील इलाकों में राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखें। बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। मानसून की यह सक्रियता न केवल फसलों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती भी खड़ी कर रही है।





















































