उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में सोशल मीडिया के जरिए रचे गए एक खतरनाक और शातिर षड्यंत्र का खुलासा हुआ है। पुलिस ने एक हिंदू छात्रा को अपने जाल में फंसाकर भगा ले जाने, उसके साथ दुष्कर्म करने और गैरकानूनी तरीके से धर्म परिवर्तन कराने के मामले में एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद से इलाके में भारी आक्रोश व्याप्त है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है।
सोशल मीडिया पर गढ़ी गई फर्जी पहचान, ऐसे बुना गया जाल
यह पूरा मामला मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र का है, जहां बीते 15 जुलाई को एक युवती के पिता ने थाने पहुंचकर अपनी बेटी के अपहरण और धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित पिता द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, अब्दुल्लापुर का रहने वाला मुईनुद्दीन उर्फ मन्नू (19) नामक युवक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी असली पहचान छिपाकर एक हिंदू नाम से फर्जी आईडी बनाई थी। इसी फर्जी नाम की आड़ में आरोपी ने कॉलेज जाने वाली छात्रा से दोस्ती बढ़ाई। धीरे-धीरे उसने बातों के जाल में उलझाकर लड़की का विश्वास जीता और फिर 14 जुलाई को उसे अपने साथ ले उड़ा।
जांच में जुड़े गंभीर धाराएं, पुलिस ने कशा शिकंजा
शुरुआत में पुलिस ने पिता की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 87 (अपहरण) के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की तहकीकात शुरू की थी। जैसे-जैसे पुलिस की तफ्तीश आगे बढ़ी और डिजिटल साक्ष्य सामने आए, मामले की परतें खुलती चली गईं। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह मामला केवल बहला-फुसलाकर ले जाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार दुष्कर्म और जबरन धर्म परिवर्तन से जुड़े हुए हैं। इसके बाद पुलिस ने मुकदमे में गंभीर धाराओं के साथ-साथ ‘उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम’ की सुसंगत धाराएं भी बढ़ा दीं।
मुखबिर की सूचना पर गंगानगर मार्ग से दबोचा गया आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए भावनपुर थाना पुलिस की एक विशेष टीम आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। शुक्रवार को पुलिस को मुखबिर के जरिए एक पुख्ता सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस ने गंगानगर जाने वाले मुख्य मार्ग के पास घेराबंदी की। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वांछित आरोपी मुईनुद्दीन उर्फ मन्नू को मौके से धर दबोचा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी के खिलाफ तमाम कानूनी और वैधानिक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं, जिसके बाद उसे सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। इस खुलासे के बाद पुलिस अब इस बात की भी गहराई से पड़ताल कर रही है कि इस सिंडिकेट के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं।





















































