अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे को लेकर जारी सियासी घमासान अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस पर बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। लखनऊ में मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए उन्होंने विपक्ष पर चयनात्मक राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया। डिप्टी सीएम ने कहा कि राम मंदिर की व्यवस्थाओं पर उंगली उठाने वाले नेताओं में मदरसों और अन्य धार्मिक स्थलों में हो रही कथित गड़बड़ियों पर बोलने का साहस नहीं है। इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत में चंदे और चढ़ावे को लेकर जुबानी जंग और तेज हो गई है।
एसआईटी जांच पर बोले डिप्टी सीएम: ‘कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा’
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े कथित विधिक प्रकरण पर सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस मामले को लेकर बेहद गंभीर है। मामले की तह तक जाने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है, जो पूरी मुस्तैदी से अपनी जांच को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने जनता और श्रद्धालुओं को आश्वस्त करते हुए कहा, “योगी सरकार में किसी भी अपराधी या भ्रष्टाचारी के लिए कोई जगह नहीं है। जांच एजेंसी पूरी निष्पक्षता से काम कर रही है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी दोषी कानून के शिकंजे से बच न पाए।” उन्होंने स्पष्ट किया कि साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ कठोरतम विधिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
राम मंदिर ट्रस्ट के कड़े फैसलों की सराहना
डिप्टी सीएम ने जांच प्रक्रिया में सहयोग देने और आंतरिक सुधार के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा उठाए गए त्वरित कदमों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ने अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए पूरे मामले की खुद पहल की और दोषियों के विरुद्ध प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई। यह दर्शाता है कि संस्थान पूरी पारदर्शिता के साथ काम करना चाहता है। ब्रजेश पाठक ने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार सनातन संस्कृति के गौरव और उसकी पावन पताका को वैश्विक पटल पर और अधिक ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए पूरी तरह से संकल्पित है, और इसमें किसी भी प्रकार का व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विपक्ष पर साधा निशाना: ‘मुस्लिम धार्मिक स्थलों और मदरसों के कदाचार पर क्यों साधी चुप्पी?’
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करते हुए उपमुख्यमंत्री ने चयनात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने तीखा सवाल दागते हुए कहा कि जो दल आज राम मंदिर के चंदे और चढ़ावे को लेकर आसमान सिर पर उठा रहे हैं, वे बाबरी मस्जिद सहित अन्य मुस्लिम धार्मिक स्थलों, मस्जिदों या मदरसों के वित्तीय प्रबंधन और वहां से आने वाली कथित कदाचार की शिकायतों पर हमेशा चुप्पी क्यों साध लेते हैं? पाठक ने आरोप लगाया कि राज्य में कई मदरसों की स्थिति आज ऐसी हो चुकी है कि वे वित्तीय और प्रशासनिक कदाचार के मुख्य केंद्र बन गए हैं। इसके बावजूद विपक्षी दल इन मुद्दों पर एक शब्द भी नहीं बोलते, क्योंकि उनकी पूरी राजनीति केवल तुष्टीकरण और अपने खास वोट बैंक को सुरक्षित रखने के इर्द-गिर्द घूमती है।
कानून व्यवस्था सर्वोपरि, विधि सम्मत होगी पूरी कार्रवाई
ब्रजेश पाठक ने अंत में कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में शांति और पारदर्शिता बनाए रखना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राम मंदिर ट्रस्ट की शिकायत पर पुलिस प्रशासन पहले ही सक्रिय हो चुका है। कानून के दायरे में रहकर हर पहलू की जांच की जा रही है। उन्होंने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि पवित्र धार्मिक स्थलों को अपनी संकीर्ण राजनीति का अखाड़ा बनाना बंद करना चाहिए, क्योंकि देश की जनता उनकी इस मंशा को अच्छी तरह समझ चुकी है।





















































