बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर इन दिनों उत्तर प्रदेश के धार्मिक शहर अयोध्या में हैं। अपनी नई और बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘श्री राम भूमि’ की शूटिंग शुरू करने से पहले अभिनेता ने बुधवार को भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर पहुंचकर रामलला के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और हनुमान गढ़ी में जाकर बजरंगबली का भी आशीर्वाद लिया। इस धार्मिक यात्रा के तुरंत बाद ही उन्होंने अपनी आगामी फिल्म के पहले शेड्यूल की शूटिंग का शंखनाद कर दिया।
‘श्री राम भूमि’ में दिखेगा सदियों का संघर्ष और त्याग
दर्शन पूजन के उपरांत मीडियाकर्मियों से मुखातिब होते हुए अनुपम खेर ने अपनी इस नई फिल्म के कथानक और उद्देश्य पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि फिल्म ‘श्री राम भूमि’ केवल एक सिनेमाई प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह राम मंदिर निर्माण के पीछे की लंबी और ऐतिहासिक यात्रा को पर्दे पर जीवंत करने का एक प्रयास है। फिल्म की कहानी उन अनगिनत संघर्षों, विपरीत परिस्थितियों और कठिन चुनौतियों के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जिनका सामना करते हुए आखिरकार भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव हो सका। यह फिल्म देशवासियों को उन अनसुने त्याग और प्रयासों से रूबरू कराएगी जो इस पावन धाम की स्थापना की बुनियाद बने।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर बोले: ‘दोष चोर का होता है, घर का नहीं’
हाल के दिनों में अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित वित्तीय गबन के मामले पर भी अनुपम खेर ने बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने इस विवाद पर सनातन समाज और आस्था को निशाना बनाए जाने का कड़ा विरोध किया। अभिनेता ने एक बेहद व्यावहारिक उदाहरण देते हुए कहा, “अगर किसी के घर में चोरी की घटना घटती है, तो इसके लिए उस घर या परिवार को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। दोष पूरी तरह से उस व्यक्ति का होता है जिसने चोरी की है।”
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जो भी वित्तीय अनियमितता हुई है, वह निश्चित रूप से गलत है और इस कृत्य में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन कुछ चंद लोगों की गलत हरकतों के कारण करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर की अलौकिक पवित्रता पर सवाल उठाना बिल्कुल भी न्यायसंगत नहीं है।
जनभावनाओं और सनातन परंपरा की अटूट शक्ति
अनुपम खेर ने जोर देकर कहा कि राम मंदिर के भव्य स्वरूप के पीछे सैकड़ों वर्षों का एक लंबा इतिहास और जन-जन की गहरी भावनाएं जुड़ी हुई हैं। किसी एक व्यक्ति के व्यक्तिगत अपराध या लालच को पूरे समुदाय, सनातन धर्म या भव्य मंदिर प्रशासन से जोड़कर देखना पूरी तरह से अनुचित है। उन्होंने वैश्विक स्तर पर फैले देशवासियों और श्रद्धालुओं से अपील की कि वे इस प्रकार की अप्रिय घटनाओं को केवल उन भ्रष्ट व्यक्तियों के व्यक्तिगत कुकर्म के रूप में देखें, न कि मंदिर की दिव्यता के रूप में। भगवान राम और हमारी सनातन परंपरा आदि-अनादि काल से चली आ रही है, और ऐसी घटनाओं से किसी भी भक्त की अटूट श्रद्धा और विश्वास में तनिक भी कमी नहीं आनी चाहिए। जिन लोगों ने भी मंदिर में दान दिया, उन्होंने अपनी परम श्रद्धा के साथ दिया था, और वह भाव हमेशा सर्वोपरि रहेगा।
अयोध्या नगरी में 10 से 12 दिनों तक गूंजेगी लाइट-कैमरा-एक्शन की गूंज
अपनी अभिनय यात्रा और व्यक्तिगत मान्यताओं का जिक्र करते हुए अनुपम खेर ने कहा कि वह अपने जीवन में किसी भी नए और महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत हमेशा ईश्वर के चरणों में शीश नवाकर ही करते हैं। यही कारण है कि ‘श्री राम जन्मभूमि’ की शूटिंग जैसे पवित्र कार्य को आरंभ करने से पहले उन्होंने प्रभु राम और संकटमोचन हनुमान जी का आशीर्वाद लेना सबसे जरूरी समझा। उन्होंने जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस फिल्म की शूटिंग के लिए अयोध्या और उसके आसपास के क्षेत्रों में 10 से 12 दिनों का एक विस्तृत शेड्यूल तय किया गया है, जिसके तहत कई महत्वपूर्ण दृश्यों को यहां की पावन धरती पर फिल्माया जाएगा।





















































