उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘विश्व युवा कौशल दिवस’ के पावन अवसर पर प्रदेश के समस्त युवाओं के नाम एक विशेष प्रेरणादायक पत्र यानी ‘योगी की पाती’ जारी की है। इस संदेश के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट रूप से रेखांकित किया है कि पिछले नौ वर्षों के भीतर सरकार के ठोस प्रयासों के चलते उत्तर प्रदेश अब एक नए रूप में ‘कौशल प्रदेश’ के रूप में स्थापित हो चुका है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि आज के समय में हर एक युवा के लिए किताबी शिक्षा के साथ-साथ किसी न किसी एक विधा या हुनर में निपुण होना बेहद आवश्यक हो गया है, क्योंकि यही कौशल उन्हें भविष्य में केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि दूसरों को रोजगार देने वाला सक्षम उद्यमी बनाएगा।
अपने इस विस्तृत संदेश में सीएम योगी ने उल्लेख किया कि उन्हें प्रदेशभर के अनगिनत प्रतिभाशाली युवाओं से संवाद करने और उनकी सफलता की अद्भुत व प्रेरणादायी कहानियों को जानने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। इन युवा साथियों के संघर्ष और उनकी कामयाबियों ने इस विश्वास को और अधिक पुख्ता कर दिया है कि देश की सबसे बड़ी युवा शक्ति वाला यह राज्य, ‘विकसित भारत’ और एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के वृहद लक्ष्य को हासिल करने में देश का नेतृत्व करेगा।
सनातन संस्कृति और प्राचीन परंपराओं से जुड़ी है हुनर की यह विरासत
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में इस अटूट विश्वास के वैचारिक आधार को स्पष्ट करते हुए कहा कि इसके मूल में हमारी वह प्राचीन सनातन संस्कृति निहित है जो हमेशा से कर्म और कौशल को सर्वोच्च स्थान देती आई है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के प्रेरणादायी जीवन चरित्र से लेकर भगवान श्रीकृष्ण के श्रीमुख से दिए गए गीता के उपदेशों तक, तथा प्राचीन काल से चली आ रही ज्ञान, शिल्प, व्यापार और कार्यकुशलता की महान परंपरा ने ही हमेशा समाज को प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ाया है।
इसी विरासत को आधुनिक स्वरूप देते हुए राज्य सरकार ने पिछले नौ वर्षों में कौशल विकास को जन-जन तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत आज प्रदेशभर में सक्रिय स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी लाखों महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। इसी दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए ‘विश्व युवा कौशल दिवस’ के खास मौके पर सरकार द्वारा ‘कौशल सखी’ और ‘कौशल साथी’ जैसी अनूठी पहलों का विधिवत शुभारंभ किया गया है, जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच कौशल के सेतु को और अधिक मजबूत करेंगी।
अत्याधुनिक तकनीकों का हब बनता यूपी: ‘ओडीओपी’ से लेकर ‘एआई’ तक का सफर
आज का उत्तर प्रदेश पारंपरिक विधाओं के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी युग में भी अपनी मजबूत दस्तक दे रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उनका यह राज्य अब सूचना प्रौद्योगिकी (IT), इलेक्ट्रॉनिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का एक प्रमुख उभरता हुआ हब बन रहा है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ (ODOP) ने यहां के स्थानीय और पारंपरिक कारीगरों के उत्पादों को केवल देश में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में एक नई वैश्विक पहचान दिलाई है।
युवा पीढ़ी को भविष्य की आधुनिक तकनीकों से रूबरू कराने के लिए ‘टेक युवा-समर्थ युवा’ जैसी अभिनव पहल को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। इसके अलावा ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’, पॉलीटेक्निक संस्थानों के पाठ्यक्रमों में रोजगारपरक शिक्षा का समावेश, ‘सिंगल डोमेन स्किल’ प्रशिक्षण और ‘फिनिशिंग स्कूल’ जैसी तमाम दूरदर्शी योजनाएं आज के युवाओं को कल की कॉर्पोरेट और औद्योगिक जरूरतों के मुताबिक पूरी तरह तैयार कर रही हैं। राज्य का एमएसएमई (MSME) सेक्टर आज करोड़ों युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अनगिनत द्वार खोल रहा है, जो प्रदेश की मजबूत होती आर्थिक रीढ़ का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान का सबसे बड़ा संबल है युवा कौशल
अपने संदेश के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के तमाम युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी औपचारिक और अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ कम से कम किसी एक कोर स्किल में अपनी दक्षता अवश्य साबित करें। उन्होंने कहा कि यह हुनर ही उनकी असली ताकत है जो उन्हें कभी असफल नहीं होने देगा।
सीएम योगी ने अंत में कहा कि कौशल ही व्यक्ति की वास्तविक आत्मनिर्भरता का मुख्य आधार है, उसके व्यक्तिगत स्वाभिमान का सबसे बड़ा संबल है और यही एक ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने सभी युवाओं से अपील की कि वे सरकार द्वारा चलाई जा रही इन कौशल विकास योजनाओं का बढ़-चढ़कर लाभ उठाएं और अपने आस-पास के अन्य युवाओं को भी इस सकारात्मक अभियान से जोड़कर प्रदेश की तरक्की में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।





















































