राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस पार्टी के प्रदर्शन की गूंज अब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक सुनाई दे रही है। बुधवार को लखनऊ की सड़कों पर उस वक्त भारी राजनीतिक सरगर्मी और तनाव का माहौल देखने को मिला, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आक्रामक कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय की ओर पैदल मार्च निकाला। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालने उतरी पुलिस और उग्र कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की हुई। दोनों ही दलों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के आमने-सामने आकर जमकर नारेबाजी की, जिससे पूरे इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।
वीवीआईपी गेस्ट हाउस से शुरू हुआ मार्च और बैरिकेडिंग पर टकराव
इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई खुद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने की। पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी बड़ी संख्या में वीवीआईपी गेस्ट हाउस के सामने एकजुट हुए और वहां से कांग्रेस प्रदेश कार्यालय की तरफ बढ़ने लगे। कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रण में रखने और किसी भी अप्रिय टकराव को टालने के लिए पुलिस प्रशासन ने पहले ही रास्ते में मजबूत बैरिकेडिंग लगा रखी थी। जैसे ही भाजपा कार्यकर्ताओं का हुजूम बैरिकेडिंग के पास पहुंचा, पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से आक्रोशित कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और कांग्रेस पार्टी तथा विपक्षी नेतृत्व के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करने लगे।
कांग्रेस मुख्यालय के अंदर भी बढ़ी सक्रियता, हाथों में लाठियां लेकर उतरीं महिला कार्यकर्ता
दूसरी तरफ, कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय के अंदर भी राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर नजर आया। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में पार्टी के तमाम दिग्गज नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कार्यालय के भीतर डटे रहे। भाजपा के इस संभावित घेराव को देखते हुए कांग्रेस खेमे ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी। दिलचस्प बात यह रही कि कांग्रेस मुख्यालय परिसर के भीतर कई महिला कार्यकर्ता प्रतीकात्मक रूप से लाठियां थामे हुए मुस्तैद दिखाई दीं।
परिस्थितियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने दो टूक शब्दों में कहा कि कांग्रेस पार्टी का हर एक सिपाही और कार्यकर्ता स्वभाव से शांतिप्रिय है, लेकिन यदि कोई राजनीतिक दल उनके कार्यालय पर हमला करने या उन्हें डराने की कोशिश करेगा, तो कांग्रेस उसका माकूल और कड़ा जवाब देने के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार है।
लोकतांत्रिक मर्यादाओं के उल्लंघन पर भड़की भाजपा
इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के केंद्र में रहे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि देश के लोकतंत्र में प्रत्येक राजनीतिक दल को अपने विरोध दर्ज कराने का लोकतांत्रिक अधिकार प्राप्त है, किंतु यह सब संविधान और स्थापित मर्यादाओं के दायरे में ही होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करके एक अति संवेदनशील सुरक्षा क्षेत्र की गरिमा और मर्यादा का खुला उल्लंघन किया है।
पंकज चौधरी ने स्पष्ट किया कि लखनऊ में आयोजित यह विरोध प्रदर्शन उसी गैर-जिम्मेदाराना हरकत के खिलाफ किया गया है। भाजपा की ओर से जारी आधिकारिक बयानों में भी कांग्रेस पर निरंतर लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए गए। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने दो टूक कहा कि देशहित और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दिल्ली के प्रदर्शन के बाद गरमाई यूपी की राजनीति
यह पूरा विवाद मूल रूप से उस हालिया घटना से उपजा है, जिसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत तमाम विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया था। दिल्ली की उस घटना की प्रतिक्रिया स्वरूप ही उत्तर प्रदेश भाजपा इकाई ने लखनऊ में कांग्रेस के राज्य मुख्यालय तक पैदल मार्च निकालने और विरोध प्रदर्शन करने का रणनीतिक आह्वान किया था, जिसके बाद से ही यूपी की सियासत में गर्माहट बनी हुई है।





















































