उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे प्रतिबंधित संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ के दो कुख्यात वांछित अपराधियों, एक अमेरिकी नागरिक और उनकी मदद करने वाले तीन स्थानीय ट्रैवल एजेंटों को पुलिस ने धर दबोचा है। बहराइच की एक स्थानीय अदालत ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए सभी छह आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बहराइच जिला कारागार भेज दिया है। इस कार्रवाई के बाद से सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और अधिक कड़ी कर दी गई है।
अदालत का फैसला: 6 अगस्त तक जेल भेजे गए सभी आरोपी
अभियोजन पक्ष से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रभारी मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संगीता गौड़ की अदालत में पेश किए जाने के बाद सभी पांचों आरोपियों को आगामी 6 अगस्त तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। गौरतलब है कि सशस्त्र सीमा बल (SSB) और स्थानीय पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से गुरुवार को यह बड़ी कार्रवाई की गई थी। ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन से जुड़े पंजाब पुलिस के वांटेड अपराधी विक्रमजीत सिंह और अमेरिकी नागरिक मनवीर सिंह ढिल्लों को अपने साथ ट्रांजिट रिमांड पर पंजाब ले जाने के लिए पंजाब पुलिस की एक विशेष टीम शुक्रवार सुबह ही बहराइच पहुंच चुकी थी। हालांकि, स्थानीय अदालत की प्रक्रिया और नियमों के चलते आरोपियों को फिलहाल बहराइच जेल भेज दिया गया है। अभियोजन अधिकारियों का कहना है कि इन्हें पंजाब ले जाने के लिए अब वहां की अदालत से ‘वारंट-बी’ (प्रॉडक्शन वारंट) हासिल करना होगा।
काठमांडू में छिपकर काट रहे थे वक्त, 2023 से थी तलाश
बहराइच के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विश्वजीत श्रीवास्तव ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मुख्य आरोपी विक्रमजीत सिंह पंजाब के अजनाला थाने में वर्ष 2023 में दर्ज दो गंभीर आपराधिक मुकदमों में लंबे समय से फरार चल रहा था। पंजाब पुलिस को उसकी सरगर्मी से तलाश थी। मूल रूप से नवांशहर जनपद के बलाचौर का रहने वाला विक्रमजीत अपनी पहचान और ठिकाने बदलकर नेपाल की राजधानी काठमांडू में छिपा हुआ था।
उसके साथ पकड़ा गया दूसरा मुख्य आरोपी मनवीर सिंह ढिल्लों (32) मूल रूप से पंजाब के मोगा जिले का निवासी है और वर्तमान में अमेरिकी नागरिकता प्राप्त है। पंजाब पुलिस वर्ष 2023 में मोगा के थाना भागपुरैना में दर्ज एक मुकदमे के सिलसिले में उसकी भी तलाश कर रही थी। विदेशी नागरिक होने के बावजूद देश विरोधी और आपराधिक गतिविधियों में उसकी संलिप्तता ने जांच एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं।
बिना वीजा अवैध एंट्री और इनोवा कार से भागने की साजिश
पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने और अपनी पहचान छुपाने के लिए अमेरिकी नागरिक मनवीर सिंह ढिल्लों ने भारत आने के लिए कोई वैध वीजा नहीं बनवाया था। ये सभी अपराधी भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित संवेदनशील रुपईडीहा क्षेत्र के रास्ते से चुपचाप देश की सीमा में दाखिल हुए थे।
इनकी घुसपैठ कराने और सुरक्षित निकालने का पूरा खाका स्थानीय स्तर पर तैयार किया गया था। रूपईडीहा (बहराइच) के रहने वाले तीन स्थानीय ट्रैवल एजेंट—राहुल कुमार, सुरेश पाठक और दिलीप पाठक—इन्हें सीमा पार कराने के बाद अपनी इनोवा कार में बिठाकर उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के पूरनपुर इलाके में ले जाने की फिराक में थे। समय रहते सतर्क हुई सुरक्षा एजेंसियों ने इनकी इस शातिर साजिश को नाकाम करते हुए सभी को दबोच लिया। पुलिस अब इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के अन्य संपर्कों और मददगारों की गहराई से पड़ताल कर रही है।





















































