उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में दिल को दहला देने वाले चर्चित हेवती दोहरे हत्याकांड का मुख्य पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने एक बड़े अपराधी को धर दबोचा है। पवई थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई इस सनसनीखेज वारदात के मुख्य आरोपी, जिसके ऊपर पुलिस प्रशासन द्वारा 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था, को पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई के दौरान आरोपी के दोनों पैरों में गोलियां लगीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर इस वीभत्स दोहरे हत्याकांड में इस्तेमाल की गई खून से सनी कुल्हाड़ी भी सफलतापूर्वक बरामद कर ली है।
रसूलाबाद मोड़ पर हुई पुलिस मुठभेड़, बाइक फिसलने के बाद की थी फायरिंग
फूलपुर के क्षेत्राधिकारी (CO) किरण पाल सिंह ने मीडिया को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि पवई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हेवती गांव में नौ और दस जुलाई की दरमियानी रात एक ही परिवार के दो सदस्यों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस दुस्साहसिक दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद से ही मुख्य आरोपी संतोष यादव पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा था और उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही थी।
मंगलवार को पुलिस को मुखबिर के जरिए एक ठोस सूचना प्राप्त हुई, जिसके आधार पर पुलिस टीम ने हेवती-ओरिल मार्ग पर स्थित रसूलाबाद मोड़ के पास घेराबंदी कर ली। जब आरोपी वहां से मोटरसाइकिल पर सवार होकर गुजर रहा था और उसने पुलिस को अपनी तरफ आते देखा, तो वह हड़बड़ाकर भागने लगा। इसी दौरान रास्ते में हो रही बारिश के कारण उसकी बाइक अचानक फिसलकर गिर गई। खुद को चारों तरफ से पुलिस बल से घिरा पाकर उसने बचने के लिए खाकी पर अवैध तमंचे से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अपनी और आम जनता की रक्षा के लिए पुलिस दल ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें संतोष यादव के दोनों पैरों में गोलियां जा लगीं और वह जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने फौरन उसे दबोच लिया और उपचार के लिए पवई के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया।
पूछताछ में आरोपी ने कबूला जुर्म: पैतृक संपत्ति के विवाद और रंजिश में दिया था घटना को अंजाम
पुलिस हिरासत में शुरुआती पूछताछ के दौरान आरोपी संतोष यादव ने अपने कुकर्म का पूरा सच उगल दिया। उसने स्वीकार किया कि जमीन-जायदाद से जुड़े पैतृक संपत्ति के विवाद और पुरानी पारिवारिक रंजिश के कारण उसके भीतर बदले की आग सुलग रही थी। इसी अदावत के चलते उसने अपने ही सगे दादा जगदम्बा प्रसाद और चचेरे भाई श्रीवांशु यादव उर्फ अंकित को मौत के घाट उतार दिया था। उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के लिए कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया था।
पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त वह कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है जिसे उसने घटना के बाद छुपा दिया था। इसके अलावा तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से एक अवैध .315 बोर का तमंचा, जिंदा कारतूस, एक खाली खोखा, एक सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और 600 रुपए नकद भी अपने कब्जे में ले लिए हैं। पुलिस इस मामले में सभी तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों को संकलित करते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई को तेजी से पूरा कर रही है।





















































