गाजियाबाद: देश के वर्तमान सियासी परिदृश्य की तुलना महाभारत के महासंग्राम से करते हुए आध्यात्मिक गुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विरोधी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने का जो प्रयास कर रहे हैं, वह कभी सफल नहीं होगा। आचार्य कृष्णम ने दावा किया कि आगामी 2029 के आम चुनावों के बाद भी सत्ता का केंद्र नहीं बदलेगा और देश एक बार फिर नरेंद्र मोदी को चौथे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री पद की ऐतिहासिक शपथ लेते हुए सुनेगा।
चक्रव्यूह रचने वाले समझ लें, मोदी अभिमन्यु नहीं ‘अर्जुन’ हैं
शनिवार को पत्रकारों से संवाद स्थापित करते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम ने विपक्षी गठबंधन की कार्यशैली को कौरवों की रणनीति से जोड़ा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में समूचा कौरव दल एकजुट होकर प्रधानमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल चुका है। विरोधी खेमा इस गलतफहमी में जी रहा है कि वे पीएम मोदी को घेर लेंगे, जैसे कभी महाभारत में अभिमन्यु को घेरा गया था। विपक्ष के दिग्गजों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि वे यह भूलने की भूल कतई न करें कि प्रधानमंत्री अभिमन्यु नहीं, बल्कि युद्धक्षेत्र के महारथी ‘अर्जुन’ हैं। वे विरोधियों द्वारा बुने गए हर चक्रव्यूह को भेदना बखूबी जानते हैं। वर्ष 2029 में एक बार फिर संसद के आंगन में यही आवाज गूंजेगी—”मैं, नरेंद्र मोदी, भारत के प्रधानमंत्री के रूप में चौथी बार शपथ लेता हूं।”
कांग्रेस अध्यक्ष पर तीखा तंज: खड़गे अब केवल तरस के पात्र
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रमुख की राजनीतिक धार पूरी तरह कुंद हो चुकी है और अब वे केवल सहानुभूति के पात्र बनकर रह गए हैं। उनमें अब किसी तरह का सियासी प्रभाव या चिंगारी शेष नहीं बची है। अपनी बात पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि जो कारतूस पहले ही चल चुका हो और जो आग बुझकर पूरी तरह राख में तब्दील हो चुकी हो, उससे किसी बड़े धमाके की उम्मीद नहीं की जा सकती।
खड़गे के विवादित बयान से उपजा घमासान और कांग्रेस का बचाव
यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक विवादास्पद टिप्पणी की। इस बयान के सामने आने के बाद राष्ट्रीय राजनीति में भूचाल आ गया और सत्तारूढ़ दल ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। सियासी तूफ़ान के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के बचाव में सामने आए।
अधीर रंजन चौधरी की सफाई: मुहावरे को गलत अर्थ में लिया जा रहा
अधीर रंजन चौधरी ने इस पूरे प्रकरण को सत्तारूढ़ दल की साजिश करार देते हुए कहा कि सत्ता पक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वे ‘राई का पहाड़’ बनाने में जुटे हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मल्लिकार्जुन खड़गे का वक्तव्य केवल लाक्षणिक और स्थानीय कहावत से प्रेरित था, जिसे शाब्दिक रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। चौधरी ने दलील दी कि अध्यक्ष के बयान का मूल आशय केवल इतना था कि लोकतंत्र में प्रधानमंत्री मोदी से भी अधिक ताकतवर शख्सियत को पराजित किया जा सकता है। यह क्षेत्रीय बोलचाल का एक आम मुहावरा था, जिसे जानबूझकर तूल देकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया जा रहा है।












































