उत्तर प्रदेश के शामली जिले में कथित अवैध धर्मांतरण का एक सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद सांप्रदायिक और सामाजिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम स्वीकार करने वाले एक युवक आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में युवक ने साफ तौर पर दावा किया है कि उसने अपनी स्वेच्छा से बिना किसी बाहरी दबाव अथवा जबरदस्ती के मुस्लिम धर्म अपनाया है और वह भविष्य में किसी भी कीमत पर हिंदू धर्म में वापस नहीं लौटेगा। इस संवेदनशील घटनाक्रम को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस महकमे ने इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं। पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से तफ्तीश करने के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन कर दिया गया है।
पिता की तहरीर पर पुलिस ने दर्ज की गंभीर धाराओं में FIR
इस पूरे विवाद की पटकथा तब सामने आई जब युवक के पिता और स्थानीय दवा व्यवसायी देवराज मलिक ने पुलिस में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित पिता का आरोप है कि उनके बेटे आयुष मलिक को एक सोची-समझी साजिश के तहत शादी का झांसा देकर फंसाया गया और कई साल पहले उसका अवैध तरीके से जबरन धर्म परिवर्तन करा दिया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आयुष को गुमराह करके देश की राजधानी दिल्ली ले जाया गया, जहां कूटरचित एवं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निकाह की रस्में पूरी की गईं। पिता के इस शिकायती पत्र के आधार पर शामली पुलिस ने एक स्थानीय मौलवी समेत कुल 9 नामजद लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है।
महिला और उसके पिता की गिरफ्तारी, अन्य आरोपियों की तलाश
अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, गैर-कानूनी तरीके से धर्म परिवर्तन कराने के इस गिरोह पर शिकंजा कसते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। इस सिलसिले में पुलिस ने एक महिला और उसके पिता को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी के रूप में की गई है। शामली के पुलिस अधीक्षक (SP) नरेंद्र प्रताप सिंह ने इस संबंध में बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए बाकी बचे 7 फरार आरोपियों, जिसमें निकाह कराने वाला मौलवी भी शामिल है, की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
“बहनों की शादी के कारण सालों तक छुपाकर रखा सच”
दूसरी तरफ, सोमवार को मीडियाकर्मियों के सामने आकर अपना पक्ष रखते हुए आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली ने चौंकाने वाले दावे किए। आयुष का कहना है कि उसने कई साल पहले ही अपनी मर्जी से इस्लाम धर्म कुबूल कर लिया था, लेकिन घर में बहनों की शादी की वजह से उसने सामाजिक बदनामी और पारिवारिक अड़चनों के डर से इस राज को दुनिया के सामने जाहिर नहीं किया था।
युवक ने अपने पिता द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे को भी खारिज करते हुए कहा कि उसके पिता पर कुछ बाहरी असामाजिक तत्वों और संगठनों द्वारा दबाव बनाया जा रहा है, जिसके कारण उन्होंने यह कदम उठाया है। आयुष ने स्पष्ट किया कि वह वर्तमान समय में शामली में ही अपने माता-पिता के पैतृक घर से अलग एक स्वतंत्र जीवन जी रहा है।
संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात और SIT की निगरानी
इस संवेदनशील मामले के तूल पकड़ने के बाद शामली नगर के पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) जितेंद्र सिंह खुद मोर्चे पर डटे हुए हैं। कानून-व्यवस्था की स्थिति को भांपते हुए एहतियात के तौर पर शहर के सभी मिश्रित और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस पीकेट और सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी गई है। विशेष रूप से हनुमान रोड और उसके आस-पास के इलाके, जहां आयुष वर्तमान में निवास कर रहा है, को पुलिस निगरानी में रखा गया है।
सीओ जितेंद्र सिंह ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए युवक आयुष की दुकान पर भी दो सुरक्षाकर्मियों को स्थाई रूप से तैनात किया गया है। इसके साथ ही, उनकी खुद की सीधी देखरेख में गठित की गई एसआईटी (SIT) ने कूटरचित दस्तावेजों और धर्मांतरण के पहलुओं की वैज्ञानिक और कड़े स्तर पर जांच शुरू कर दी है।
कड़े कानूनों के तहत कार्रवाई और हिंदू संगठनों की आंदोलन की चेतावनी
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की बेहद सख्त और गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसमें किसी को डरा-धमकाकर धन उगाही करना (जबरन वसूली), धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करना और आपराधिक रूप से धमकी देना शामिल है। इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश में लागू विशेष कानून ‘उत्तर प्रदेश विधि विरूद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम’ की धाराओं को भी इस मुकदमे में शामिल किया गया है, जिसके तहत दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा का प्रावधान है।
हिंदू कार्यकर्ताओं का अल्टीमेटम: दूसरी ओर, इस घटना को लेकर बहुसंख्यक समाज और हिंदूवादी संगठनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। स्वामी यशवीर महाराज सहित कई प्रमुख हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने इस मामले को ‘लव जिहाद’ और ‘धोखाधड़ी से धर्मांतरण’ का नेटवर्क बताते हुए पुलिस प्रशासन को खुली चेतावनी दी है। हिंदू कार्यकर्ताओं ने आरोपियों के खिलाफ तत्काल रासुका (NSA) या बुलडोजर जैसी सख्त कार्रवाई करने की मांग की है और मांगें न पूरी होने की स्थिति में इस कथित अवैध धर्मांतरण नेटवर्क के खिलाफ जिले भर में एक बड़ा जन-आंदोलन शुरू करने का ऐलान कर दिया है। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर लगातार तीखी बहस छिड़ी हुई है।



















































