नोएडा पुलिस ने एक बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चोरी और स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देने वाले शातिर बदमाशों को दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है। फेस-1 थाना पुलिस की सक्रियता के चलते 15 लाख रुपये से अधिक मूल्य के कीमती इलेक्ट्रॉनिक सामान के साथ तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। इस कार्रवाई ने दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय एक संगठित आपराधिक नेटवर्क की कलई खोलकर रख दी है।
सेक्टर-14 के पास पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी
शुक्रवार को नोएडा फेस-1 पुलिस की टीम को बड़ी कामयाबी हाथ लगी जब उन्होंने सेक्टर-14 स्थित गंदे नाले की पटरी के पास से घेराबंदी कर दो प्रमुख आरोपियों, पवन और गोलू को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी थाना फेस-1 क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नया बांस गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। इन दोनों के साथ एक नाबालिग को भी पुलिस ने अभिरक्षा में लिया है, जो इस पूरे ऑपरेशन का मुख्य हिस्सा था।
वारदात का चौंकाने वाला तरीका: ‘एक्सीडेंट का नाटक’
एडीसीपी मनीषा सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने अपराध करने का जो तरीका (Modus Operandi) अपनाया, वह बेहद हैरान करने वाला है। यह गिरोह मुख्य रूप से दिल्ली और नोएडा के भीड़भाड़ वाले इलाकों को अपना निशाना बनाता था।
वारदात के दौरान, गिरोह में शामिल नाबालिग चलती गाड़ियों के सामने अचानक कूद जाता था और दुर्घटना का नाटक करते हुए जोर-जोर से शोर मचाता था। जैसे ही वाहन चालक घबराकर गाड़ी से बाहर निकलता था, गिरोह के बाकी सदस्य गाड़ी की दूसरी खिड़की से मोबाइल फोन उड़ाकर मौके से फरार हो जाते थे। इसके अलावा, ये लोग राहगीरों से स्नैचिंग, जेब काटने और सुनसान पीजी या बंद पड़े मकानों में घुसकर चोरी की घटनाओं को भी अंजाम देते थे।
बरामदगी और तकनीकी साक्ष्य
पुलिस ने आरोपियों के ठिकाने से भारी मात्रा में चोरी का सामान बरामद किया है, जिसकी बाजार में कुल कीमत लगभग 15 लाख रुपये आंकी गई है। बरामद वस्तुओं में निम्नलिखित शामिल हैं:
- विभिन्न नामी कंपनियों के 67 मोबाइल फोन (जिसमें 11 सैमसंग, 10 रेडमी, 10 वीवो और 9 आईफोन शामिल हैं)।
- छह मोबाइल फोन फोल्डर।
- एक एचपी लैपटॉप।
- मोबाइल अनलॉक करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले विशेष तकनीकी उपकरण।
- दो अवैध चाकू।
- रिपेयरिंग टूल्स जैसे वायर कटर, पेचकस, मिनी ग्राइंडर और प्लास।
आगे की कानूनी कार्रवाई
आरोपियों द्वारा पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि वे चोरी किए गए फोन को मजबूरी बताकर लोगों को सस्ते दामों पर बेच देते थे। जो फोन नहीं बिक पाते थे, उन्हें मुख्य आरोपी पवन लैपटॉप और अनलॉक टूल्स की मदद से खोलकर उनके पार्ट्स को अलग-अलग करके बाजार में खपा देता था।
फिलहाल, पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है और उनका आपराधिक इतिहास खंगाल रही है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के तार और भी कई लोगों से जुड़े हो सकते हैं, जिनकी तलाश में टीमें जुटी हुई हैं। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य साथियों की भी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।





















































