उत्तर प्रदेश का चीनी और एथेनॉल उद्योग अब एक नई विश्वव्यापी उड़ान भरने को तैयार है। 21 और 22 मई, 2026 को लखनऊ में आयोजित होने वाले एक भव्य अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में दुनिया भर के विशेषज्ञ यूपी के गन्ना किसानों और चीनी मिलों की तरक्की का नया रोडमैप तैयार करेंगे। यह महामंथन न सिर्फ राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा, बल्कि लाखों किसानों के जीवन में भी समृद्धि की नई मिठास घोलेगा।
आयोजन की तारीख और स्थान: 21 और 22 मई, 2026, रमाडा होटल (लखनऊ-कानपुर मार्ग)।
थीम: चीनी उद्योग के विकासोन्मुख भविष्य की तैयारी।
आयोजक: यूपी शुगर मिल्स एसोसिएशन (UPSMA) और ग्रीनटेक, कानपुर।
विदेशी मेहमान: इंग्लैंड, जर्मनी और अमेरिका (USA) के दिग्गज विशेषज्ञ होंगे शामिल।
मुख्य फोकस: एथेनॉल उत्पादन, नई तकनीक, आधुनिक कृषि संयंत्र और बायो-प्लास्टिक्स।
उत्तर प्रदेश आज केवल देश का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य ही नहीं है, बल्कि यह भारत की ‘एथेनॉल राजधानी’ के रूप में भी अपनी एक बेहद मजबूत पहचान बना चुका है। राज्य के लाखों गन्ना किसानों की अटूट मेहनत और सरकारी नीतियों के बेहतरीन तालमेल ने यूपी को चीनी और एथेनॉल उत्पादन में शीर्ष पर ला खड़ा किया है। इसी बेमिसाल सफलता को और अधिक रफ्तार देने, तथा भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए अब एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। राजधानी लखनऊ में आयोजित होने वाला यह इंटरनेशनल सेमिनार इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जहां उद्योग के वर्तमान और भविष्य पर गहन चिंतन किया जाएगा।
‘विकासोन्मुख भविष्य’ पर होगा भव्य अंतर्राष्ट्रीय मंथन
‘चीनी उद्योग के विकासोन्मुख भविष्य की तैयारी’ विषय पर केंद्रित इस सेमिनार का आयोजन उत्तर प्रदेश की निजी चीनी मिलों के प्रतिष्ठित संगठन ‘यूपी शुगर मिल्स एसोसिएशन’ (UPSMA) और कानपुर की संस्था ‘ग्रीनटेक’ द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। इस पूरे आयोजन को राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (NSI) के पूर्व निदेशक प्रोफेसर नरेन्द्र मोहन के कुशल तकनीकी निर्देशन में रूप दिया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के गन्ना विकास व चीनी उद्योग विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती वीना कुमारी शिरकत करेंगी। उनका संबोधन राज्य सरकार के विजन और भविष्य की योजनाओं को उद्योग जगत के सामने स्पष्ट करेगा।
21 मई से शुरू होगा महामंथन, सात विशेष सत्रों में होगी चर्चा
आयोजन का भव्य उद्घाटन 21 मई की सुबह 10 बजे होगा। उद्घाटन सत्र में केंद्र सरकार के संयुक्त सचिव (शर्करा), UPSMA के अध्यक्ष विजय बंका, पूर्व अध्यक्ष सीबी पाटोदिया और डीसीएम श्रीराम के अधिशासी निदेशक आर एल टामक जैसे उद्योग जगत के कई दिग्गज विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। जानकारी के मुताबिक, पहले दिन कुल चार महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। वहीं, दूसरे दिन 22 मई को तीन विशेष सत्रों में चीनी उद्योग की आधुनिक बारीकियों और एथेनॉल उत्पादन की नई संभावनाओं पर चर्चा होगी।
सात समंदर पार से आ रहे हैं विदेशी विशेषज्ञ
यह सेमिनार केवल राष्ट्रीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका फलक पूरी तरह से अंतर्राष्ट्रीय है। इसमें इंग्लैंड में प्रकाशित होने वाली विश्व प्रसिद्ध ‘शुगर इंडस्ट्री इंटरनेशनल’ पत्रिका के संपादक अरविन्द चुडासामा, जर्मनी की ‘सुक्रोस्फेयर प्रिफेर एवं लैंजेन (IP)’ के प्रबंध निदेशक मार्क ओलिवर बर्कहार्ट और अमेरिका के लॉस एंजेलिस स्थित ‘कार्बो सोल्यूशंस इंटरनेशनल (LLC)’ के इम्मुएनल एम सरीर जैसे वैश्विक दिग्गज भी शामिल हो रहे हैं। इन विदेशी विशेषज्ञों की मौजूदगी से यूपी के चीनी उद्योग को नई वैश्विक तकनीकों और अंतर्राष्ट्रीय बाजार के बदलते स्वरूप को समझने का मौका मिलेगा।
नई तकनीक और ‘बायो-प्लास्टिक्स’ की प्रदर्शनी बनेगी आकर्षण का केंद्र
इस सेमिनार में केवल भाषण और चर्चा ही नहीं होगी, बल्कि भविष्य की तकनीकों का सीधा दर्शन भी कराया जाएगा। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न तकनीकी प्रदाताओं द्वारा एक विशेष प्रदर्शनी लगाई जा रही है। इसके माध्यम से प्रतिभागियों को चीनी मिलों के आधुनिकीकरण की नई प्रणालियों से अवगत कराया जाएगा। साथ ही, आधुनिक कृषि संयंत्रों और भविष्य के सबसे बड़े ग्रीन विकल्प ‘बायो-प्लास्टिक्स’ का भी प्रदर्शन किया जाएगा। यह कदम पर्यावरण संरक्षण और मिलों की अतिरिक्त आय, दोनों लिहाज से एक बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है।
कुल मिलाकर, लखनऊ में होने जा रहा यह दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार उत्तर प्रदेश के चीनी उद्योग और गन्ना किसानों के लिए एक मील का पत्थर साबित होने वाला है। जब दुनिया भर का उत्कृष्ट ज्ञान और आधुनिकतम तकनीक यूपी के खेतों और मिलों तक पहुंचेगी, तो निश्चित रूप से राज्य का गन्ना उद्योग एक ‘स्वर्णिम’ और ‘विकासोन्मुख’ भविष्य की ओर तेजी से कदम बढ़ाएगा। एथेनॉल और ग्रीन एनर्जी के इस नए युग में, उत्तर प्रदेश एक बार फिर पूरी दुनिया को अपनी क्षमता का लोहा मनवाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।




















































