लखनऊ। डिप्लोमा करने के बाद भी नौकरी न मिलने की चिंता अब खत्म होने वाली है। किताबी ज्ञान और असल औद्योगिक जरूरत के बीच की खाई को पाटने के लिए देश की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी ने लखनऊ में एक बेहद खास पहल की है। कंपनी ने सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में ‘स्मार्ट फैक्ट्री लैब’ की शुरुआत की है, जो युवाओं को सिर्फ क्लासरूम तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें सीधे इंडस्ट्री 4.0 (Industry 4.0) की आधुनिक तकनीक से जोड़कर शानदार करियर के दरवाजे खोलेगी।
बेरोजगारी के दौर में युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण
आज के प्रतिस्पर्धी दौर में सिर्फ किताबी ज्ञान के दम पर एक अच्छी नौकरी हासिल करना बेहद मुश्किल हो गया है। उद्योगों की जरूरतें तेजी से बदल रही हैं और उन्हें ऐसे युवाओं की तलाश है जो पहले दिन से ही मशीनों और आधुनिक तकनीकों पर काम करने के लिए तैयार हों। इसी जमीनी हकीकत को समझते हुए मारुति सुजुकी इंडिया ने अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में एक बेहद आधुनिक ‘स्मार्ट फैक्ट्री लैब’ की स्थापना की है। यह लैब अकादमिक शिक्षा और उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं के बीच के भारी अंतर को पाटने में एक मील का पत्थर साबित होगी।
क्या है स्मार्ट फैक्ट्री लैब और छात्रों को कैसे मिलेगा फायदा?
इस लैब को कुछ इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह बिल्कुल असली मैन्युफैक्चरिंग प्लांट जैसी दिखती और काम करती है। यह अत्याधुनिक लैब छात्रों को सिर्फ थ्योरी नहीं पढ़ाएगी, बल्कि स्वचालन (Automation), उद्योग 4.0 (Industry 4.0), इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IIoT), न्यूमेटिक्स, ऊर्जा मापन और मोशन कंट्रोल जैसी एडवांस और उद्योग से जुड़ी टेक्नोलॉजी का सीधा व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) अनुभव देगी। पहले ही साल में लगभग 400 छात्रों को इस लैब के जरिए ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है। रियल-वर्ल्ड मैन्युफैक्चरिंग की नकल करने वाली इस लैब में ट्रेनिंग लेने के बाद युवाओं के भीतर वह तकनीकी दक्षता और आत्मविश्वास पैदा होगा, जो उन्हें देश-विदेश की बड़ी कंपनियों के लिए पहली पसंद बना देगा।
स्किल इंडिया मिशन को मिल रही है नई रफ्तार
मारुति सुजुकी की इस पहल का मुख्य उद्देश्य उद्योग के लिए आवश्यक सही मानसिकता (माइंडसेट) विकसित करना है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर बात करते हुए मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के कॉर्पोरेट मामलों के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी राहुल भारती ने बताया कि सरकारी संस्थानों की सुविधाओं को स्मार्ट फैक्ट्री लैब में अपग्रेड करके कंपनी भारत सरकार के स्किल इंडिया मिशन को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये लैब मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की तेजी से बदलती जरूरतों को पूरा करने, छात्रों और इंडस्ट्री के बीच मौजूद स्किल गैप को कम करने और युवाओं में बड़े औद्योगिक उपकरणों के इस्तेमाल को लेकर एक मजबूत आत्मविश्वास पैदा करने का काम करेंगी।
सिर्फ लखनऊ ही नहीं, देशभर में हो रहा है कौशल का विस्तार
मारुति सुजुकी युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने की दिशा में केवल एक शहर तक सीमित नहीं है। राहुल भारती ने इस बात पर जोर दिया कि सरकारी कॉलेजों में सुविधाओं को अपग्रेड करने के साथ-साथ कंपनी ने जापान और भारत सरकार के बीच बेहतरीन सहयोग के तहत चार ‘जापान-इंडिया इंस्टीट्यूट फॉर मैन्युफैक्चरिंग’ (JIM) की भी स्थापना की है। इसके अतिरिक्त, देश भर की 18 आईटीआई (ITI) में एडवांस मैन्युफैक्चरिंग लैब (AML) स्थापित की गई हैं। यह विशाल नेटवर्क ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उद्योग-विशिष्ट व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है, जिससे हजारों युवाओं की जिंदगी संवर रही है।
लखनऊ के सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में मारुति सुजुकी द्वारा शुरू की गई यह ‘स्मार्ट फैक्ट्री लैब’ केवल एक कमरा या मशीनरी का समूह नहीं है, बल्कि यह भविष्य के इंजीनियरों और पेशेवरों को गढ़ने की एक आधुनिक नर्सरी है। जब युवा अत्याधुनिक मशीनों पर अपने हाथों से काम करना सीखेंगे, तो उनका आत्मविश्वास नई ऊंचाइयों को छुएगा। यह पहल न केवल उत्तर प्रदेश के छात्रों की रोजगार क्षमता को कई गुना बढ़ा देगी, बल्कि भारत को एक मजबूत और ‘फ्यूचर-रेडी’ कार्यबल (वर्कफोर्स) देने की दिशा में एक शानदार और सफल कदम भी साबित होगी।





















































