उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और जानलेवा लू (Heatwave) का सितम चरम पर पहुंच गया है, जिसने आम जनजीवन को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया है। सूबे में बढ़ते पारे और बांदा में रिकॉर्ड 46.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद एक्शन मोड में आ गए हैं। सीएम ने जनता को इस ‘अग्निपरीक्षा’ से बचाने के लिए प्रशासनिक अमले को बेहद सख्त निर्देश जारी किए हैं, जिसके बाद पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
- रिकॉर्ड तोड़ गर्मी: बांदा 46.4 डिग्री सेल्सियस के साथ देश का सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया, कई जिलों में पारा 44 डिग्री के पार।
- CM Yogi का कड़ा रुख: जिला मजिस्ट्रेट (DMs), स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग और राहत एजेंसियों को 24 घंटे अलर्ट पर रहने के निर्देश।
- अस्पतालों को निर्देश: सरकारी अस्पतालों में हीटस्ट्रोक (लू) के मरीजों के लिए दवाओं, ओआरएस (ORS) और बेड के विशेष इंतजाम करने का आदेश।
- जनता से अपील: बच्चों-बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने, सूती-खादी कपड़े पहनने और आग के खतरों से बचने की सलाह।
- मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी: अगले 24 घंटों में यूपी के कई हिस्सों में भीषण लू चलने की प्रबल आशंका।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सूर्यदेव का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। दोपहर होते ही सूबे की सड़कें कर्फ्यू जैसा मंजर बयां करने लगती हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों ने आम जनता के साथ-साथ प्रशासन की भी चिंता बढ़ा दी है। रविवार की दोपहर राज्य के अधिकांश हिस्सों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस की लक्ष्मण रेखा को लांघ गया।
बुंदेलखंड का बांदा इलाका इस समय भट्टी की तरह तप रहा है, जहां तापमान रिकॉर्ड 46.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे यह पूरे देश का सबसे गर्म स्थान बन गया। इसके अलावा, झांसी में 44.6 डिग्री, प्रयागराज में 44.5 डिग्री, हमीरपुर में 44.2 डिग्री, ओराई में 43.8 डिग्री, सुल्तानपुर में 43.3 डिग्री और वाराणसी में 43.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। रातें भी अब झुलसाने लगी हैं; प्रयागराज, गाजीपुर, ओराई और आगरा में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहा, जबकि इटावा और मेरठ में न्यूनतम तापमान ने भी सामान्य के मुकाबले बढ़त दर्ज की है।
CM Yogi का कड़ा रुख: लापरवाही पर सीधे नपेंगे अधिकारी
इस जानलेवा होती हीटवेव को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद अधिकारियों को बेहद कड़े निर्देश जारी किए। सीएम ने साफ शब्दों में कहा कि इस संकट की घड़ी में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री के आदेशानुसार, सभी जिलों के जिला मजिस्ट्रेट (DMs) को खुद फील्ड पर उतरकर स्थिति की निगरानी करनी होगी।
विद्युत विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि इस भीषण गर्मी में कटौती को न्यूनतम किया जाए ताकि लोगों को कूलिंग उपकरणों का सहारा मिल सके। वहीं, पेयजल आपूर्ति को लेकर भी सख्त हिदायत दी गई है कि किसी भी इलाके में पानी का संकट न होने पाए। वरिष्ठ अधिकारियों को अस्पतालों और जलापूर्ति प्रणालियों का औचक निरीक्षण करने के लिए कहा गया है।
अस्पतालों में ‘स्पेशल हीटवेव वार्ड’: कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को सबसे ज्यादा सतर्क रहने के लिए कहा है। राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देशित किया गया है कि वे लू (Heatstroke) से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त और पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करें। अस्पतालों में ओआरएस (ORS) के पैकेट, जरूरी दवाएं, आइस पैक्स और चौबीसों घंटे बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
इसके साथ ही, सीएम योगी ने एक संवेदनशील रुख अपनाते हुए कहा कि धूप और गर्मी में काम करने वाले फील्ड कर्मचारियों, सफाईकर्मियों और मजदूरों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कर्मचारियों को थकान, गंभीर निर्जलीकरण (Dehydration) और लू की चपेट में आने से बचाने के लिए कार्य घंटों में बदलाव और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
जनता के लिए एडवाइजरी: ‘एक लापरवाही पड़ सकती है भारी’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को कसने के साथ-साथ सूबे की जनता से भी भावुक और सतर्क रहने की अपील की है। सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि:
“धूप में निकलते समय अत्यधिक सावधानी बरतें। खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सेहत और खानपान पर विशेष ध्यान दें। घरों से बाहर निकलते समय हल्के रंग के, ढीले-ढाले सूती या खादी के कपड़े पहनें ताकि शरीर का तापमान संतुलित रहे।”
इसके अलावा, मौसम शुष्क होने के कारण इस मौसम में आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ती हैं। इसे लेकर सीएम ने सख्त चेतावनी दी है कि कोई भी नागरिक ऐसी लापरवाही न करे जिससे खेतों या रिहाइशी इलाकों में आग लगने का खतरा पैदा हो।
मौसम विभाग की इस गंभीर चेतावनी और सरकार की त्वरित सक्रियता को देखते हुए यह साफ है कि आने वाले कुछ दिन उत्तर प्रदेश के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। ऐसे में प्रशासनिक मुस्तैदी के साथ-साथ आम जनता की जागरूकता ही इस जानलेवा गर्मी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार साबित होगी। शासन स्तर पर तो खाका खींच दिया गया है, लेकिन अब परीक्षा धरातल पर बैठे अधिकारियों के क्रियान्वयन और जनता के संयम की है, ताकि इस ‘टॉर्चर’ देने वाले मौसम में किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।





















































