उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अपराधियों के दुस्साहस और उनके अजीबोगरीब बहानों का एक बेहद दिलचस्प मामला सामने आया है। लखनऊ पुलिस द्वारा जिला बदर (निष्कासित) घोषित किए गए दो शातिर अपराधी कानून के कड़े आदेशों को ताक पर रखकर चोरी-छिपे अपने गांव लौट आए। हालांकि, जब पुलिस की मुस्तैदी के कारण दोनों सलाखों के पीछे पहुंचे, तो उन्होंने वापस आने की जो वजह बताई उसे सुनकर खुद पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए।
- पुलिसिया कार्रवाई: लखनऊ की मोहनलालगंज पुलिस ने जिला बदर आदेश का उल्लंघन करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- अजीबोगरीब बहाने: पूछताछ में आरोपी सारिख खान ने बकरीद मनाने और मोहित कुमार ने पत्नी से मिलने घर आने की बात कबूली।
- घेराबंदी कर गिरफ्तारी: बुधवार रात मोहनलालगंज के ग्राम फत्तेखेड़ा में मोहित के घर के बाहर से दोनों अपराधियों को दबोचा गया।
- शातिरों का बैकग्राउंड: सारिख खान को 13 मई 2026 को 6 महीने के लिए और मोहित कुमार को 17 दिसंबर 2025 को जिला बदर किया गया था।
- सख्त कानूनी ऐक्शन: उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम (UP Goonda Control Act) के उल्लंघन के तहत दोनों पर आगे की कार्रवाई की गई।
कनकहा मोड़ पर चेकिंग और मुखबिर की सटीक सूचना
लखनऊ के ग्रामीण इलाकों में अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार की रात मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के कनकहा मोड़ पर पुलिस की टीम संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन जांच कर रही थी।
इसी दौरान पुलिस के एक विश्वसनीय मुखबिर ने आकर सूचना दी कि इलाके के दो शातिर अपराधी, जिन्हें कोर्ट और प्रशासन ने जिला बदर घोषित कर जिले की सीमा से बाहर खदेड़ दिया था, वे कानून की आंखों में धूल झोंककर वापस आ चुके हैं। मुखबिर ने सटीक जानकारी दी कि ग्राम फत्तेखेड़ा निवासी मोहित कुमार और सारिख खान उर्फ शारिक, बिना किसी सक्षम अनुमति के चोरी-छिपे अपने घर आते-जाते रहते हैं और इस वक्त भी वे गांव में ही छिपे हुए हैं।
घर के बाहर बिछाया जाल, रंगे हाथों धरे गए दोनों आरोपी
मुखबिर से मिली इस पुख्ता जानकारी के बाद मोहनलालगंज पुलिस ने बिना एक पल गंवाए तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस टीम पूरी सतर्कता के साथ रात के अंधेरे में ही ग्राम फत्तेखेड़ा पहुंची। पुलिस ने रणनीति के तहत पूरे इलाके को कवर किया और सीधे आरोपी मोहित कुमार के घर के बाहर घेराबंदी कर दी।
पुलिस की यह रणनीति पूरी तरह कामयाब रही और दोनों आरोपी मोहित कुमार और सारिख खान घर के बाहर ही मौजूद मिल गए। अचानक सामने खड़ी पुलिस को देखकर दोनों के होश उड़ गए और उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।
बीवी का प्यार और त्योहार की चाहत: पूछताछ में खुले राज
जब पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर थाने में कड़ी पूछताछ शुरू की, तो उनके बयानों ने इस पूरे मामले को हैरान करने वाला मोड़ दे दिया। जब पुलिस ने उनसे पूछा कि जिला बदर होने के बावजूद वे बिना अनुमति लखनऊ जिले की सीमा में क्यों घुसे, तो दोनों ने अपनी निजी और घरेलू मजबूरियों का रोना रोना शुरू कर दिया।
आरोपी सारिख खान उर्फ शारिक ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ बकरीद का त्योहार मनाने के लिए व्याकुल था, इसलिए वह अपनी जान जोखिम में डालकर और कानून तोड़कर घर आ गया। वहीं, दूसरे आरोपी मोहित कुमार ने एक अलग ही मानवीय एंगल सामने रखा; उसने कहा कि उसे अपनी पत्नी की बहुत याद आ रही थी और वह सिर्फ अपनी बीवी से मिलने के लिए ही वापस गांव आया था। हालांकि, पुलिस के सामने उन्होंने अपनी इस भारी भूल को स्वीकार किया और माफी भी मांगी, लेकिन कानून के उल्लंघन पर उन्हें कोई राहत नहीं मिली।
यूपी गुंडा एक्ट के नियमों को तोड़ना पड़ा भारी
पब्लिक सेफ्टी और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन आदतन अपराधियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत जिला बदर की सख्त कार्रवाई करता है। इस प्रक्रिया के तहत अपराधियों को एक निश्चित अवधि के लिए जिले की भौगोलिक सीमा से बाहर रहना पड़ता है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों में से सारिख खान को 13 मई 2026 को जारी एक प्रशासनिक आदेश के तहत पूरे 6 महीने के लिए लखनऊ से जिला बदर किया गया था। वहीं, मोहित कुमार के खिलाफ 17 दिसंबर 2025 को जिला बदर का आदेश जारी किया गया था। इन दोनों ही अपराधियों ने तय समय सीमा पूरी होने से पहले और बिना किसी सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति के लखनऊ में प्रवेश किया, जो कि एक गंभीर कानूनी अपराध है।
मोहनलालगंज पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने यह साफ संदेश दे दिया है कि अपराधियों के लिए कानून के आदेशों से बढ़कर कुछ भी नहीं हो सकता, चाहे उनके बहाने कितने भी भावनात्मक क्यों न हों। जिला बदर किए गए अपराधियों द्वारा इस तरह चोरी-छिपे वापस आना स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आदेश के उल्लंघन का मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है और पुलिस की इस सतर्कता की सराहना की जा रही है।





















































