उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां देश की सुरक्षा का जिम्मा उठाने वाले एक सैन्यकर्मी पर हैवानियत की हदें पार करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता का दावा है कि आरोपी फौजी ने उसे अगवा कर पांच वर्षों तक अलग-अलग ठिकानों पर बंधक बनाकर रखा, उसके साथ लगातार बर्बरता से दुष्कर्म किया और धर्म परिवर्तन के लिए भारी मानसिक व शारीरिक दबाव बनाया। एक अनजान मददगार के जरिए किए गए फोन कॉल ने इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी फौजी को गिरफ्तार कर लिया है।
मायके से अगवा कर शुरू की हैवानियत
राजधानी लखनऊ के सैरपुर थाना क्षेत्र से सामने आई यह घटना महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता ने अपनी दर्दनाक आपबीती सुनाई है। महिला के अनुसार, उसकी शादी सीतापुर जिले में हुई थी। लेकिन मार्च 2021 में जब वह सैरपुर स्थित अपने मायके आई हुई थी, तब लखीमपुर खीरी के महंगूखेड़ा निवासी मंजूर अली ने एक खौफनाक साजिश रची।
आरोप है कि देर रात मंजूर अली ने महिला को धोखे से नशीला पदार्थ सुंघा दिया और बेहोशी की हालत में उसे अगवा कर लिया। इसके बाद से ही पीड़िता की जिंदगी एक नर्क में तब्दील हो गई। उसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर लगातार शिफ्ट किया जाता रहा ताकि वह किसी से मदद न मांग सके।
ड्यूटी पर जाता था फौजी, पीछे से भाई और रिश्तेदार देते थे पहरा
इस खौफनाक अपराध में मंजूर अली अकेला नहीं था, बल्कि उसका परिवार भी पूरी तरह से शामिल था। एफआईआर में दर्ज बयानों के मुताबिक, जब आरोपी फौजी अपनी सैन्य ड्यूटी पर जाता था, तो वह महिला को अपने भाई कमाल और रिश्तेदार सलमान के हवाले कर देता था।
ये दोनों आरोपी पीड़िता पर 24 घंटे कड़ी नजर रखते थे। महिला को जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं और उसे किसी भी बाहरी व्यक्ति से संपर्क करने की सख्त मनाही थी। इस दौरान उसे एक कैदी की तरह अंधेरे कमरों में छिपाकर रखा गया।
जिस्मानी शोषण के साथ धर्मांतरण का टॉर्चर
बंधक बनाकर रखे जाने के दौरान महिला को सिर्फ शारीरिक प्रताड़ना ही नहीं, बल्कि भारी मानसिक यंत्रणा का भी सामना करना पड़ा। पीड़िता का स्पष्ट आरोप है कि मंजूर अली उसके साथ लगातार दुष्कर्म करता था। जब भी महिला इसका विरोध करती, तो उसे बुरी तरह डराया-धमकाया जाता था।
इतना ही नहीं, महिला पर लगातार धर्म परिवर्तन करने का भारी दबाव भी बनाया जा रहा था। उत्तर प्रदेश में अवैध धर्मांतरण को लेकर पहले से ही सख्त कानून लागू हैं, ऐसे में एक सैन्यकर्मी द्वारा इस तरह का कृत्य करना पूरे मामले को और भी ज्यादा संवेदनशील बना देता है।
एक फोन कॉल और नर्क से मिली आजादी
पांच साल तक खौफ के साए में जीने वाली इस महिला की जिंदगी में उम्मीद की किरण तब जागी, जब कुछ दिन पहले उसे एक हमदर्द पड़ोसी मिल गया। उस अनजान पड़ोसी की थोड़ी सी मदद पाकर पीड़िता ने किसी तरह अपने पिता को फोन मिला लिया और उन्हें अपनी खौफनाक हालत की जानकारी दी।
बेटी की रुला देने वाली दास्तान सुनकर पिता तुरंत बताए गए पते पर पहुंचे और अपनी बेटी को उन दरिंदों के चंगुल से छुड़ाकर वापस सैरपुर स्थित घर ले आए। परिवार ने बिना समय गंवाए पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया और 30 मई को पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली।
पुलिस का सख्त एक्शन, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता और इसमें एक सैन्यकर्मी के शामिल होने की सूचना मिलते ही लखनऊ पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। सैरपुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सोमवार को मुख्य आरोपी मंजूर अली को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है।
फिलहाल मुख्य आरोपी से पूछताछ की जा रही है, जबकि एफआईआर में नामजद अन्य आरोपियों (कमाल और सलमान) की गिरफ्तारी और उनकी भूमिका की गहन पड़ताल के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में आगे की कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।





















































