उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘गाय’ और गोसेवा से जुड़े बयान पर अब पद्म विभूषण जगद्गुरु रामभद्राचार्य की बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। गाय को ‘विश्व माता’ बताते हुए उन्होंने दावा किया है कि 2029 के लोकसभा चुनाव में अगर हिंदुत्ववादियों को 370 सीटें मिल जाएं, तो देश में गोहत्या पूरी तरह से बंद हो जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने गाजियाबाद एनकाउंटर, पश्चिम बंगाल के हालातों और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के आचरण पर भी बेबाकी से अपनी राय रखी है।
गोमाता 'विश्व माता' हैं: सीएम योगी के बयान का खुला समर्थन
हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोवंश और गोसेवा को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया था, जिस पर देश भर में चर्चाओं का दौर जारी है। इसी कड़ी में विख्यात आध्यात्मिक गुरु और संत जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने सीएम योगी के विचारों का पुरजोर समर्थन किया है। समाचार एजेंसी आईएएनएस से एक विशेष बातचीत में उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री ने बिल्कुल सत्य कहा है। उन्होंने सनातन परंपरा का हवाला देते हुए कहा कि गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि ‘विश्व माता’ है और संपूर्ण समाज को उनके संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए।
‘2029 में 370 सीटें मिलें, तो गोहत्या होगी पूरी तरह बंद’
देश में गोवध रोकने के सवाल पर रामभद्राचार्य ने एक बड़ा राजनीतिक लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने कहा कि गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का एकमात्र सटीक उपाय मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति है। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा, “अगले निर्वाचन में अगर हिंदुत्ववादियों को 370 सीटें मिल जाएं, तो गोवध तुरंत प्रभाव से बंद हो जाएगा। हम लोग इसे बंद करवाकर ही दम लेंगे, लेकिन इसके लिए हमें लोकसभा में हिंदुत्ववादियों की 370 सीटें चाहिए।” उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2029 तक यह लक्ष्य भी अवश्य पूरा हो जाएगा। इसी दौरान उन्होंने सनातन समाज को एकजुट करने के लिए एक नारा भी दिया— ‘चाहे पंथ अनेक हों, हम सब हिंदू एक हों।’ उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में एक बार फिर कमल खिलेगा।
बंगाल के हालातों पर चिंता और ‘रामराज्य’ की परिकल्पना
पश्चिम बंगाल की राजनीतिक और सामाजिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में लंबे समय से बहुसंख्यक समाज का उत्पीड़न किया जा रहा है। अपने पुराने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने कहा, “एक समय था जब हम बंगाल जाते थे, तो ऐसा प्रतीत होता था मानो हम पाकिस्तान में आ गए हों।” समाज में बढ़ रही कुरीतियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि जब यह देश भगवान राम के आदर्शों पर चलेगा, तभी कदाचार, व्यभिचार, अत्याचार और अनाचार का जड़ से अंत होगा और हमारी युवा पीढ़ी चरित्रवान बनेगी।
पालकी विवाद: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के ‘साधुत्व’ पर उठाए सवाल
धार्मिक क्षेत्र में वीआईपी कल्चर (VIP Culture) को लेकर भी जगद्गुरु ने कड़ा प्रहार किया। उन्होंने बिना लाग-लपेट के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के आचरण की आलोचना की। उन्होंने कहा कि संतों को अपनी निजी छवि चमकाने के लिए कभी राजनीति नहीं करनी चाहिए। पुलिस और प्रशासन के निर्देशों का जिक्र करते हुए रामभद्राचार्य ने सवाल पूछा, “जब गंगा स्नान के समय पुलिस ने सुरक्षा कारणों से एक सीमा तय कर दी थी, तो उन्हें पालकी में बैठकर गंगा तट तक जाने की क्या आवश्यकता थी? क्या यही साधुता है?” उन्होंने याद दिलाया कि असली साधुत्व वह है जो आदि शंकराचार्य ने दिखाया था, जिन्होंने पूरे देश की पैदल यात्रा की थी।
गाजियाबाद एनकाउंटर जायज, विपक्ष पर देश को बदनाम करने का आरोप
उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और हालिया गाजियाबाद एनकाउंटर पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए जगद्गुरु ने पुलिस की कार्रवाई को पूरी तरह से उचित ठहराया। उन्होंने अपराध और धर्म की आड़ में होने वाली हिंसा पर सवाल खड़े करते हुए कहा, “बकरीद के पावन मौके पर एक निर्दोष लड़के की निर्मम हत्या कर देना, आखिर यह कौन सा धर्म था?” उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों के कुकर्म देखकर ही एनकाउंटर जैसी कार्रवाई की जा रही है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने विपक्षी दलों के नेताओं पर भी तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि भारत का विपक्ष केवल देश की बदनामी करने का काम करता है।
निष्कर्ष
जगद्गुरु रामभद्राचार्य का यह विस्तृत और बेबाक बयान मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक विमर्श में एक नई बहस को जन्म देने वाला है। गोहत्या रोकने के लिए 370 सीटों का स्पष्ट आंकड़ा देना और रामराज्य की स्थापना पर जोर देना, यह दर्शाता है कि 2029 के चुनावों से पहले ही सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और हिंदुत्व की लहर को और धार दी जा रही है। वहीं, कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर योगी सरकार की नीतियों को संतों का यह खुला समर्थन राज्य सरकार के लिए नैतिक बल बढ़ाने वाला साबित होगा।





















































