मुजफ्फरनगर जिले की पवित्र तीर्थ नगरी शुक्रताल में रविवार का दिन खुशियों के बजाय गहरा मातम लेकर आया। गंगा स्नान के दौरान हुए तीन अलग-अलग हादसों ने तीर्थ यात्रियों के बीच कोहराम मचा दिया। नदी के गहरे पानी में डूबने से 10 साल की एक मासूम बच्ची समेत तीन श्रद्धालुओं की असामयिक मौत हो गई, जबकि एक युवक की जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष जारी है। इन दुखद घटनाओं ने घाटों पर मौजूद लोगों की आंखों में आंसू ला दिए हैं और परिजनों की चीखें माहौल को गमगीन बना रही हैं।
बिजनौर के फतेहपुर कला का परिवार बना हादसे का शिकार
हादसे का पहला मामला बिजनौर जिले के फतेहपुर कला गांव से आए श्रद्धालुओं के साथ हुआ। गंगा में स्नान के दौरान मनीष नामक युवक का पैर फिसला और वह गहरे पानी में डूबने लगा। उसे डूबता देख उसके साथी 18 वर्षीय राजन ने अपनी जान की परवाह किए बिना उसे बचाने के लिए छलांग लगा दी। हालांकि, नदी के तेज बहाव और अत्यधिक गहराई ने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर मौजूद गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक राजन की सांसे थम चुकी थीं। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया, वहीं मनीष को गंभीर हालत में उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
स्नान के दौरान गहरे पानी में समाए दो और श्रद्धालु
इसी बीच, शुक्रताल में दो अन्य दुखद घटनाएं भी सामने आईं। बागपत के बिजवाड़ा गांव निवासी 22 वर्षीय हिमांशु गंगा में स्नान कर रहा था, तभी वह अचानक गहरे पानी की ओर चला गया। जब तक उसे खोजकर बाहर निकाला गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उसने दम तोड़ दिया था। वहीं, तीसरी घटना में बिजनौर के नगला गांव की महज 10 वर्षीय रागिनी भी स्नान के दौरान गहरे पानी का अंदाजा नहीं लगा सकी और डूब गई। स्थानीय लोगों ने बच्ची को बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
सत्संग से नहीं, लापरवाही या गहराई बनी वजह
रविवार के दिन शुक्रताल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। इन घटनाओं के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और स्थानीय प्रशासन अलर्ट हो गया। इस संदर्भ में भोपा के क्षेत्राधिकारी (CO) ने स्पष्ट किया कि इन दुखद हादसों का वहां आयोजित किसी भी सत्संग कार्यक्रम से कोई लेना-देना नहीं है। प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट है कि सभी मौतें गंगा स्नान के दौरान गहरे पानी में चले जाने से हुई हैं।
प्रशासन ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है। एक ओर जहां घायल युवक का इलाज अस्पताल में चल रहा है, वहीं दूसरी ओर इन हादसों ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और घाटों पर पर्याप्त सावधानी बरतने को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और तीर्थ नगरी में छाई उदासी हर किसी के मन को झकझोर रही है।





















































