उत्तर प्रदेश के एटा जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने शिक्षा जगत को शर्मसार कर दिया है। जिले के जैथरा थाना क्षेत्र स्थित माधवानंद इंटर कॉलेज में प्रशासनिक वर्चस्व की जंग इतनी खूनी हो गई कि कॉलेज के ही एक क्लर्क को अपनी जान गंवानी पड़ी। हत्या का आरोप कॉलेज के प्रधानाचार्य पर ही लगा है। पुलिस ने लाश को ठिकाने लगाने के फिराक में जा रहे प्रिंसिपल और उनके एक सहयोगी को कासगंज के समीप एक कार से रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
वर्चस्व की जंग और खूनी साजिश
मृतक की पहचान 35 वर्षीय राहुल कुमार पांडेय के रूप में हुई है, जो इसी कॉलेज में लिपिक के पद पर कार्यरत थे। प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि कॉलेज के प्रबंधन और प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही थी। पुलिस के मुताबिक, रविवार को राहुल को किसी बहाने कॉलेज बुलाया गया था, जहां सुनियोजित तरीके से उनके सिर को कुचलकर उनकी निर्मम हत्या कर दी गई।
परिजनों का आरोप है कि यह महज एक विवाद नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। हत्या के बाद आरोपी साक्ष्यों को मिटाने और शव को ठिकाने लगाने की जुगत में जुट गए।
कार की डिग्गी में छिपाया था ‘राज’
सोमवार को प्रिंसिपल कृष्ण कुमार पांडेय और उनका साथी कार की डिग्गी में राहुल का शव रखकर उसे कासगंज जिले की ओर ले जा रहे थे। पुलिस को इस घटना की गुप्त सूचना मिली थी। जैसे ही यह गाड़ी कासगंज के पटियाली थाना क्षेत्र में पहुंची, पुलिस ने घेराबंदी कर उसे रोक लिया। गाड़ी की तलाशी के दौरान जैसे ही डिग्गी खोली गई, अंदर राहुल की क्षत-विक्षत लाश देखकर पुलिस टीम भी दंग रह गई।
जैथरा थाना प्रभारी रितेश ठाकुर ने बताया कि मौके से ही मुख्य आरोपी प्रधानाचार्य और उनके सहयोगी को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस अब उस अज्ञात मोबाइल नंबर की भी जांच कर रही है, जिससे घटना की सूचना मिली थी, ताकि इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं का पता लगाया जा सके।
पोस्टमार्टम और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने राहुल के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों की ओर से मिली तहरीर के आधार पर हत्या और साक्ष्य मिटाने की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस वारदात ने न केवल एटा जिले को हिलाकर रख दिया है, बल्कि शैक्षिक संस्थानों में सुरक्षा और नैतिकता के स्तर पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, पुलिस मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या इस खूनी खेल में कुछ अन्य लोगों की भी संलिप्तता है।





















































