उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी समाधान के लिए एक बार फिर प्रशासनिक तंत्र को कड़ा संदेश दिया है। राजधानी लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कोने-कोने से पहुंचे फरियादियों की शिकायतें खुद सुनीं। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को दो टूक लहजे में हिदायत दी कि जनता की हर समस्या का समाधान एक निश्चित समयसीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल कागजी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा, बल्कि समस्या के निपटारे के बाद पीड़ित पक्ष से संपर्क कर उनकी संतुष्टि की रिपोर्ट भी ली जाएगी।
‘आप बेफिक्र होकर घर जाएं, सरकार कराएगी हर मामले का समाधान’
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद संवेदनशील नजर आए। उन्होंने दूर-दराज के जिलों से अपनी फरियाद लेकर पहुंचे नागरिकों के पास खुद जाकर उनके प्रार्थना पत्र स्वीकार किए। पीड़ितों ढांढस बंधाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आप सभी पूरी तरह बेफिक्र होकर अपने घर वापस लौटिए। शासन और प्रशासन आपकी हर जायज समस्या का पूरी निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ उचित निस्तारण कराएगा।” उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता की शिकायतों को पेंडिंग रखने की प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कैंसर पीड़िता को संबल: ‘स्वास्थ्य पर ध्यान दें, इलाज का खर्च उठाएगी सरकार’
इस जनसुनवाई के दौरान बरेली से आई एक महिला ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी गंभीर बीमारी की व्यथा साझा की। महिला ने कैंसर के इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगाई। जब मुख्यमंत्री ने उनसे अस्पताल का ‘एस्टिमेट’ (खर्च का विवरण) मांगा, तो महिला उस समय उसे तुरंत प्रस्तुत नहीं कर सकी।
इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए सीएम योगी ने ढांढस बंधाया और कहा, “आप तुरंत अस्पताल से एस्टिमेट मंगवाकर प्रशासन को उपलब्ध कराइए। आप सिर्फ अपने स्वास्थ्य और इलाज पर ध्यान दें, पैसों की चिंता बिल्कुल न करें, सरकार आपके साथ खड़ी है।” इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिला को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया जाए और उनके बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
राजस्व मामलों पर कड़ा रुख: अधिकारी समय से बैठें कोर्ट, अतिक्रमण पर होगी बड़ी कार्रवाई
जनता दर्शन में जमीन और राजस्व से जुड़े मामलों की अधिकता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी या किसी गरीब की जमीन पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भू-माफियाओं और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ निरंतर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
राजस्व मुकदमों में होने वाली देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए:
- समय से बैठें अधिकारी: राजस्व से जुड़े सभी जिम्मेदार अधिकारी समय पर अपनी अदालतों (न्यायालयों) में बैठें।
- समयबद्ध फैसला: मुकदमों का निस्तारण एक तय समयसीमा के अंदर किया जाए, ताकि वादकारियों को सालों तक चक्कर न काटने पड़ें।
- गरीबों को मिले प्राथमिकता: फैसलों में देरी के कारण सबसे ज्यादा आर्थिक और मानसिक नुकसान गरीब तबके को उठाना पड़ता है, इसलिए जरूरतमंदों को समय पर न्याय दिलाना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
“अतिक्रमण और अवैध कब्जे के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी। राजस्व मामलों में त्वरित निर्णय लेकर पीड़ितों को राहत पहुंचाना ही सुशासन का असली मंत्र है।” – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
सोशल मीडिया पर गूंजा सुशासन का संकल्प
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने इस जनसुनवाई की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर साझा करते हुए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। सीएमओ की पोस्ट में लिखा गया, “जन-सेवा, सुरक्षा और सुशासन का संकल्प। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राजधानी लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित ‘जनता दर्शन’ में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं एवं सभी के प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।”
इस पहल से एक बार फिर यह साफ हो गया है कि उत्तर प्रदेश सरकार जनता की शिकायतों को लेकर बेहद गंभीर है और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।





















































