मुजफ्फरनगर में बृहस्पतिवार को दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मेरठ की ओर जा रही एक सीएनजी बस अचानक चलते-चलते आग की लपटों में घिर गई। चंद पलों में ही बस आग का गोला बन गई, लेकिन चालक की त्वरित तत्परता और अदम्य साहस के कारण इसमें सवार सभी 45 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने यात्रियों के होश उड़ा दिए, लेकिन एक बड़े जान-माल के नुकसान की आशंका चालक की समझदारी के सामने धरी की धरी रह गई।
धुआं देखते ही चालक ने लिया बड़ा फैसला
मिली जानकारी के अनुसार, बस मुजफ्फरनगर से मेरठ के लिए रवाना हुई थी। जैसे ही बस मंसूरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत हाईवे पर पहुंची, तभी चालक को बस के इंजन और भीतर से असामान्य धुआं निकलता हुआ दिखाई दिया। चालक ने बिना एक पल गंवाए बस को सड़क किनारे खड़ा किया और तुरंत सभी यात्रियों को इमरजेंसी गेट और दरवाजों से नीचे उतरने का निर्देश दिया। चालक की घबराहट के बजाय संयम बरतने की इसी कोशिश ने 45 यात्रियों के लिए जीवनदान का काम किया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही अंतिम यात्री बस से बाहर निकला, वैसे ही आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि देखते ही देखते पूरी बस जलकर खाक हो गई। बस के जलने का मंजर इतना खौफनाक था कि आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया।
अग्निशमन विभाग ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास की पुलिस और अग्निशमन विभाग की गाड़ियां घटनास्थल के लिए रवाना हो गईं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) अनुराग कुमार ने बताया कि विभाग को जैसे ही सूचना मिली, तत्काल टीम को मौके पर भेजा गया। कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि इस भीषण अग्निकांड में किसी भी यात्री को खरोंच तक नहीं आई। सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं, हालांकि बस पूरी तरह से जलकर नष्ट हो गई है।
आग लगने के कारणों की जांच जारी
फिलहाल प्रशासन ने बस में लगी आग के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। सीएनजी किट या शॉर्ट सर्किट की आशंका को देखते हुए तकनीकी टीम से भी सलाह ली जा रही है। बस के पूरी तरह जल जाने के बाद उसकी स्थिति का मुआयना किया जा रहा है।
इस घटना के बाद एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन वाहनों में सुरक्षा मानकों और सीएनजी उपकरणों की समय-समय पर जांच की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है। चालक की सूझबूझ और तत्परता की हर तरफ तारीफ हो रही है, जिसने एक बड़े हादसे को समय रहते भांप लिया और सभी यात्रियों को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया।





















































