उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद अंतर्गत बड़गांव क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां नलकूप के नजदीक खोदे गए लगभग 30 फीट गहरे गड्ढे में मिट्टी की भारी ढांग गिरने से चाचा और भतीजे की जान चली गई। शनिवार को हुए इस भीषण हादसे के दौरान दोनों मलबे के नीचे बुरी तरह दब गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय बचाव दल ने जेसीबी मशीनों की मदद से कई घंटों तक सघन राहत अभियान चलाया, लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
गड्ढे से ईंटें निकालते समय हुआ हादसा, मुहाने पर बैठा था किशोर
बड़गांव थाना प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र भड़ाना द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, चिराउ गांव निवासी राजेंद्र (45 वर्ष) खेत पर नलकूप के समीप बने करीब 30 फीट गहरे गड्ढे के भीतर उतरकर ईंटें निकालने का कार्य कर रहे थे। उसी समय उनका 12 वर्षीय भतीजा गौरव गड्ढे के ऊपरी किनारे पर बैठा हुआ था। अचानक जमीन का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर ढह गया, जिससे मुहाने पर बैठा बालक गौरव सीधे गहराई में जा गिरा और नीचे काम कर रहे राजेंद्र के साथ भारी मलबे के नीचे दब गया।
चीख-पुकार के बीच जेसीबी से शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की आवाज और दृश्य देखकर मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई तथा गांव में कोहराम मच गया। स्थानीय ग्रामीणों की सूचना पर तत्काल बड़गांव थाना पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे। मलबे को तेजी से हटाने के लिए जेसीबी मशीनें मंगवाई गईं। राहत कर्मियों ने कड़ी मशक्कत करते हुए सबसे पहले राजेंद्र को बाहर निकाला और नाजुक हालत में फौरन नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
सावधानी से चला बच्चे का बचाव कार्य, अस्पताल में तोड़ा दम
राजेंद्र को बाहर निकालने के उपरांत मलबे में दबे 12 वर्षीय गौरव को सुरक्षित निकालने के लिए बेहद सतर्कता के साथ राहत कार्य जारी रखा गया, ताकि खुदाई के दौरान उसे कोई अतिरिक्त चोट न पहुंचे। कई घंटों की अथक मेहनत के बाद बच्चे को भी मलबे से बाहर निकाल लिया गया और एंबुलेंस के जरिए तत्काल चिकित्सालय भेजा गया। हालांकि, अत्यधिक देर तक मिट्टी में दबे रहने के कारण डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद गौरव की सांसें भी थम गईं।
पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव, गांव में पसरा सन्नाटा
पुलिस प्रशासन ने दोनों मृतकों के शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम प्रक्रिया के लिए भेज दिया है। एक ही परिवार के दो सदस्यों—चाचा और भतीजे—की इस तरह असमय और हृदयविदारक मृत्यु से चिराउ गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।





















































