लखनऊ। अयोध्या स्थित राम मंदिर के दान और चढ़ावे को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर तीखी नोकझोंक शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर आस्था और धन के मुद्दे को लेकर कड़ा प्रहार किया। सपा मुखिया ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक विशेष वीडियो गीत साझा करते हुए सत्ता पक्ष पर गंभीर सवाल दागे और आम जनता से कथित तौर पर मंदिर के नाम पर मिलने वाले पैसे को अस्वीकार करने का आह्वान किया।
वीडियो गीत के जरिए उठाए तीखे सवाल
सपा प्रमुख द्वारा साझा किए गए वीडियो गीत में राम मंदिर, धार्मिक आस्था और दान-पात्र की शुचिता को लेकर भाजपा की कार्यप्रणाली पर कड़े कटाक्ष किए गए हैं। वीडियो के साथ जारी अपने संदेश में अखिलेश यादव ने स्पष्ट शब्दों में लिखा, “राम जी से घात का पैसा, धर्म-दान पात्र का पैसा, भाजपा के पाप का पैसा नहीं चाहिए।”
इस गीत के माध्यम से उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनमानस को संदेश दिया है कि धार्मिक आस्था और मंदिर के चढ़ावे का किसी भी तरह का अनुचित इस्तेमाल अस्वीकार्य है।
जनता से लालच के खिलाफ सवाल पूछने की अपील
अखिलेश यादव ने जनता को सतर्क करते हुए कहा कि यदि भाजपा की ओर से किसी को पैसे का प्रलोभन दिया जाए, तो लोगों को सामने खड़े होकर कड़े सवाल पूछने चाहिए। वीडियो गीत के बोलों में भी इसी भावना को रेखांकित करते हुए कहा गया है:
“राम जी से घात का पैसा, धर्म-दान पात्र का पैसा, भाजपा के पाप का पैसा नहीं चाहिए। नहीं चाहिए ऐसा पैसा। ऐसा पैसा नहीं फलेगा, ज़्यादा दिन नहीं चलेगा। जब भाजपा से कोई आए पैसे का लालच दिखलाए तो बैठाकर पूछो- क्यों चुराया मंदिर का मान?”
दान और आस्था के मुद्दे पर पहले भी छिड़ी है सियासी रार
गौरतलब है कि राम मंदिर निर्माण, चढ़ावे और दान-पात्र की धनराशि के प्रबंधन को लेकर समाजवादी पार्टी और भाजपा के मध्य विवाद का यह पहला मामला नहीं है। अखिलेश यादव इससे पहले भी सत्ताधारी दल पर धार्मिक आस्था का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग करने का आरोप लगाते रहे हैं। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी और मंदिर प्रबंधन से जुड़े पक्ष ऐसे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताते रहे हैं।





















































