उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में जमीनी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच टकराव की एक गंभीर साजिश को पुलिस ने नाकाम कर दिया है। तितावी थाना क्षेत्र में एक भूखंड पर जबरन अधिकार जमाने पहुंचे असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस ने बड़े पैमाने पर दंडात्मक कार्रवाई की है। इलाके की शांति व्यवस्था भंग करने के प्रयास में जुटी भीड़ को खदेड़ते हुए सुरक्षा बलों ने मौके से 18 लोगों को हिरासत में ले लिया, जबकि वारदात में प्रयुक्त 7 चौपहिया वाहनों को भी अपने नियंत्रण में ले लिया गया है।
मुकंदपुर गांव में आमने-सामने आ गए थे दोनों गुट
विवाद की यह घटना तितावी थाना अंतर्गत मुकंदपुर गांव की है। पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) नरेंद्र सिंह यादव द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, शनिवार को गांव में स्थित एक विवादित भूखंड को लेकर दो विरोधी गुट आमने-सामने आ गए थे। दोनों ही पक्षों के लोग जमीन पर अपनी दावेदारी साबित करने और गैरकानूनी रूप से कब्जा करने की नियत से बड़ी तादाद में जमा हुए थे। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तत्काल मोर्चा संभाला और किसी भी प्रकार की हिंसक झड़प होने से पहले ही सख्त रुख अख्तियार कर लिया।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत कठोर विधिक कार्रवाई
सीओ नरेंद्र सिंह यादव ने स्पष्ट किया कि गांव में सार्वजनिक सौहार्द व कानून-व्यवस्था को किसी भी सूरत में बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। इसी क्रम में पुलिस दल ने फौरन हस्तक्षेप करते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत अभियोग पंजीकृत किया है। शांति भंग करने के आरोप में नामजद योगेंद्र सिंह समेत कुल 18 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर कानूनी हिरासत में भेजा गया है।
वाहनों की जब्ती और क्षेत्र में निगरानी तेज
कब्जे की नीयत से मौके पर पहुंचे लोगों द्वारा इस्तेमाल किए गए 7 वाहनों को पुलिस ने जब्त कर मोटर वाहन अधिनियम एवं विधिक प्रक्रियाओं के तहत सीज कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संपत्ति विवादों को सुलझाने के लिए कानूनी मंच मौजूद हैं, लेकिन कानून हाथ में लेकर अराजकता फैलाने वालों को कड़ा सबक सिखाया जाएगा। मुकंदपुर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल पूरी तरह सतर्क है ताकि किसी भी तरह की पुनरावृत्ति न हो सके।





















































