उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद अंतर्गत किरतपुर कस्बे में भारी मानसूनी वर्षा के उपरांत उत्पन्न हुए भीषण जलभराव ने एक मासूम की जान छीन ली। शनिवार के दिन हुई तेज बरसात की वजह से मुख्य सड़क पूरी तरह जलमग्न हो गई थी, जिसके कारण मार्ग से सटा खुला नाला नजर नहीं आया और 12 साल का एक बालक सीधे उसमें जा गिरा। पानी के प्रचंड आवेग में खिंचकर दूर निकल जाने के कारण दम घुटने से उसकी जान चली गई। इस हृदयविदारक घटना से परिजनों में हाहाकार मचा हुआ है, वहीं नगर के बाशिंदों में बदहाल जल निकासी तंत्र व स्थानीय प्रशासन के प्रति प्रचंड रोष व्याप्त है।
जलमग्न मार्ग पर नहीं दिखा खुला नाला, अनहोनी का शिकार हुआ मासूम
किरतपुर थाना सीमा में स्थित मोहल्ला अंसारियान के निवासी अफजल मेहनत-मजदूरी कर ई-रिक्शा/रिक्शा चलाकर अपने कुनबे का भरण-पोषण करते हैं। शनिवार को जब कस्बे में जोरदार बारिश हो रही थी, उसी समय उनका 12 वर्षीय पुत्र हम्माद ईदगाह मार्ग की दिशा में किसी कार्यवश निकला था। वर्षा के पानी की उचित निकासी न होने के कारण पूरी सड़क झील में तब्दील हो चुकी थी, जिससे सड़क और किनारे बने गहरे नाले की सीमाएं पूरी तरह अदृश्य हो गईं। हम्माद जैसे ही इस्लामिया इंटर कॉलेज के मुख्य प्रवेश द्वार के करीब पहुंचा, वह नाले की थाह न ले सका और उसका पैर सीधे नाले के भीतर फिसल गया।
तेज बहाव में आधा किलोमीटर आगे पाइप में फंसा शरीर
नाले में गिरते ही पानी का वेग इतना भयंकर था कि वह स्वयं को संभाल नहीं पाया और पलक झपकते ही जलधारा के साथ खिंचता चला गया। कॉलेज के बाहर ठेला लगाने वाले वेंडरों एवं राहगीरों ने जब बच्चे को जलप्रवाह में विलीन होते देखा तो वहां चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर तुरंत क्षेत्रीय लोग एकत्र हुए और नाले के बहाव की दिशा में बालक की खोजबीन प्रारंभ की गई। तलाश करते-करते लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित एक संकरे पुलियानुमा पाइप में बच्चे का शरीर अटका हुआ पाया गया।
कड़ी मशक्कत के बाद निकला शव, कैमरे में कैद हुआ बचाव का मंजर
घटनास्थल पर मौजूद नागरिकों ने अत्यधिक प्रयासों के बाद मासूम को पाइप के जाल से बाहर निकाला, परंतु तब तक अत्यधिक पानी पेट में जाने व दम घुटने से उसकी इहलीला समाप्त हो चुकी थी। नाले से बच्चे के अचेत शरीर को निकाले जाने का मार्मिक दृश्य निकट ही स्थापित एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया, जो अब लोगों के सामने आया है। जब मृतक हम्माद की देह उसके आवास पहुंची तो समूचे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। दो भाइयों में से एक हम्माद के आकस्मिक निधन से माता-पिता की हालत बदहवास है।
स्थानीय पालिका की कार्यप्रणाली पर फूटा आक्रोश, नाले पाटने की मांग
इस दुखद त्रासदी ने नगर पालिका और स्थानीय नागरिक निकाय की मानसून पूर्व तैयारियों व सुरक्षा प्रबंधों की हकीकत उजागर कर दी है। नगरवासियों का खुला आरोप है कि भीड़भाड़ वाले शिक्षण संस्थान के सामने बने नालों को खुला छोड़ना सरासर आपराधिक अनदेखी है। अगर समय रहते स्लैब डालकर नाले को बंद कर दिया जाता, तो अफजल का चिराग बुझने से बच सकता था। उद्वेलित नागरिकों ने प्रशासनिक उच्चाधिकारियों से मांग की है कि कस्बे भर में जानलेवा साबित हो रहे सभी खुले नालों को अविलंब पाटा जाए, जिससे आने वाले दिनों में ऐसी भयावह घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।





















































