उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से अंधविश्वास और ढोंग की आड़ में एक महिला की अस्मत लूटने का बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। बनकटा थाना क्षेत्र में एक कथित तांत्रिक ने बीमारी ठीक करने का झांसा देकर एक बेबस महिला को अपनी हैवानियत का शिकार बना डाला। इस घिनौने कृत्य की जानकारी जैसे ही पुलिस को मिली, महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी तांत्रिक को दबोच लिया है और सलाखों के पीछे भेज दिया है।
बेटे की बीमारी का इलाज कराने गया था परिवार
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित महिला के पति ने थाने में न्याय की गुहार लगाते हुए तहरीर दी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसका बेटा पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहा था। बच्चे को पूरी तरह ठीक कराने और घरेलू समस्याओं से निजात पाने की चाह में वह अपने परिवार के साथ बनकटा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जगन चक गांव के रहने वाले कथित तांत्रिक व्यासमुनी पांडेय के पास गया था। परिवार को इस बात का जरा भी इल्म नहीं था कि जिसे वे अपनी समस्याओं का हल समझ रहे हैं, वही उनके जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी बन जाएगा।
विश्वास का फायदा उठाकर तांत्रिक ने पार की हदें
आरोप है कि कथित ढोंगी व्यासमुनी पांडेय ने पीड़ित परिवार की लाचारी और अंधविश्वास का भरपूर फायदा उठाया। उसने मासूम बच्चे को पूरी तरह स्वस्थ करने और तांत्रिक क्रियाओं का भ्रमजाल फैलाकर झांसे में ले लिया। इसी अंधविश्वास की आड़ में आरोपी ने पीड़ित व्यक्ति की पत्नी के साथ जबरन शारीरिक संबंध स्थापित किए। जब इस घिनौनी करतूत का सच परिवार के सामने आया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। ठगे और प्रताड़ित महसूस करने के बाद पीड़िता के पति ने हिम्मत जुटाई और सीधे थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपी सलाखों के पीछे
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बनकटा थाना पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी व्यासमुनी पांडेय को हिरासत में ले लिया और कड़ाई से पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। भाटपार रानी के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) अंशुमान श्रीवास्तव ने इस संबंध में मीडिया को आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित पक्ष की तरफ से तहरीर मिलते ही आरोपी के विरुद्ध सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।
मामले की गहन जांच में जुटी पुलिस
क्षेत्राधिकारी अंशुमान श्रीवास्तव ने आगे बताया कि आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने के साथ-साथ मामले की विस्तृत और वैज्ञानिक जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस घटना से जुड़े सभी साक्ष्यों को बारीकी से खंगाल रही है ताकि अदालत में आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश किए जा सकें। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जो भी नए तथ्य या सबूत सामने आएंगे, उनके आधार पर मामले में आगे की सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस घटना के बाद से स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के अंधविश्वास और ढोंगियों के बहकावे में न आएं।





















































