फतेहपुर में सीएम योगी का कड़ा रुख, विकास परियोजनाओं की सौगात के साथ विपक्ष पर साधा निशाना
उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले अराजक तत्वों के लिए अब उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को फतेहपुर की धरती से एक बार फिर साफ कर दिया है कि अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति उनकी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति किसी भी हाल में कमजोर नहीं पड़ेगी। मदारीपुर कला मैदान में आयोजित एक भव्य जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आने वाले दिनों में केंद्र सरकार संसद के पटल पर एक ऐसा बेहद सख्त कानून लेकर आ रही है, जो पेपर लीक जैसी नापाक गतिविधियों में संलिप्त लोगों के लिए नजीर बनेगा। ऐसे दोषियों को केवल सलाखों के पीछे ही नहीं भेजा जाएगा, बल्कि उनकी अकूत अवैध संपत्तियों पर भी कानूनी बुलडोजर चलाकर उन्हें जब्त किया जाएगा।
नीट परीक्षा विवाद और केंद्र सरकार के मजबूत कदम
हाल ही में देश भर में चर्चा का विषय बनी नीट परीक्षा की गड़बड़ियों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस मामले में त्वरित और प्रभावी एक्शन लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में केंद्र सरकार देश के करोड़ों मेधावी छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य और शैक्षणिक हितों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) से जुड़े प्रकरणों में भी सरकार ने बिना किसी देरी के सख्त कदम उठाए हैं। इसके साथ ही, देश में लागू की जा रही नई शिक्षा नीति आज के आधुनिक युवाओं को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान दिलाने का काम कर रही है, जिससे रोजगार और शिक्षा के नए द्वार खुल रहे हैं।
माफियाराज पर प्रहार: “जेल या जहन्नुम” का दो टूक संदेश
प्रदेश की कानून-व्यवस्था की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपराधियों को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि उत्तर प्रदेश की वर्तमान व्यवस्था में माफियाओं और गुंडों के लिए कोई स्थान शेष नहीं बचा है। ऐसे असामाजिक तत्वों के लिए अब केवल दो ही ठिकाने हैं—या तो वे कानून के डर से जेल की सलाखों के पीछे रहें या फिर जहन्नुम की राह पकड़ें। उन्होंने गर्व के साथ रेखांकित किया कि उनकी सरकार ने भू-माफियाओं और संगठित अपराधियों पर नकेल कसते हुए सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराया है। आज प्रदेश का हर नागरिक अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रहा है, जो कि कानून के राज की सबसे बड़ी मिसाल है।
पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला: 2017 से पहले युवाओं के अधिकारों पर पड़ी डाका
विपक्ष, विशेष तौर पर समाजवादी पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में नियुक्तियों के नाम पर सिर्फ छलावा होता था। उन्होंने आरोप लगाया कि साल 2012 से 2017 के बीच निकाली गई अधिकांश सरकारी भर्तियां किसी न किसी बड़े विवाद के घेरे में रहीं, जिसके कारण योग्य और प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों का लगातार हक मारा गया। इसके विपरीत, बीजेपी सरकार ने पिछले नौ वर्षों के कार्यकाल में पूरी पारदर्शिता और शुचिता के साथ नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां देकर उनके सपनों को पंख दिए हैं। बिना किसी सिफारिश या भेदभाव के संपन्न हुई इन भर्तियों ने युवाओं का सिस्टम पर भरोसा फिर से बहाल किया है।
फतेहपुर का कायाकल्प: आकांक्षी जिले से विकास के पथ पर अग्रसर
कभी प्रदेश के सबसे पिछड़े आकांक्षी जिलों की सूची में शुमार रहने वाला फतेहपुर आज विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले के समय में जिले के विकास के लिए मिलने वाले बजट और संसाधनों का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग होता था। इसके उलट, वर्तमान सरकार ने मेडिकल कॉलेज, आधुनिक सड़कें, मजबूत पुल, उन्नत अस्पताल, बिजली आपूर्ति, कंपोजिट विद्यालय और नर्सिंग कॉलेज जैसी बुनियादी सुविधाओं का जाल बिछाकर विकास को सीधे गांव-गांव तक पहुंचाया है। 489 करोड़ रुपये से अधिक लागत की कुल 125 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास इस बात का पुख्ता सबूत है कि फतेहपुर अब अपनी पुरानी पिछड़ी पहचान को पीछे छोड़कर ‘विकसित भारत’ के संकल्प में कंधे से कंधा मिलाकर चल रहा है। अंत में, मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह से प्रदेश में विकास की इस निरंतर गति को बनाए रखने के लिए भारतीय जनता पार्टी का समर्थन करने का आह्वान किया।



















































