उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर कड़ी कार्रवाई की है। शहर कोतवाली क्षेत्र के तिंदवारा बाईपास के पास भवानी पुरवा इलाके में रविवार सुबह पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद एक नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के मामले में संलिप्त दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा गया। इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया था, जिसके बाद से पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी।
मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी घायल, दो पुलिसकर्मी भी चोटिल
रविवार को सुबह करीब दस से ग्यारह बजे के बीच जब पुलिस संदिग्धों की घेराबंदी कर रही थी, तब आरोपियों ने बचने के लिए पुलिस दल पर निशाना साधा। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी एजाज (25) के बाएं पैर में गोली जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस पूरी मुठभेड़ और गिरफ्तारी की प्रक्रिया के दौरान कानून का सामना करते हुए दो कांस्टेबल भी मामूली रूप से चोटिल हो गए, जिन्हें भी चिकित्सीय सहायता के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने मौके से दूसरे आरोपी नरेश (50) को भी दबोच लिया, जो वारदात के समय से ही पुलिस के रडार पर था।
क्या है पूरा घटनाक्रम: बस स्टैंड से शुरू हुई थी दरिंदगी की कहानी
पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह पूरी दर्दनाक घटना 24 जुलाई की है। उस दिन एक 16 वर्षीय किशोरी मरका से अपनी ननिहाल जाने के लिए घर से अकेली निकली थी। सफर तय करते-करते वह देर शाम बांदा बस स्टॉप पर जा पहुंची, जहाँ उसे फतेहपुर के नरेनी स्थित अपने ननिहाल के लिए वाहन पकड़ना था।
इसी दौरान ऑटो चालक नरेश ने किशोरी को झांसे में लिया और उसे नरेनी सुरक्षित छोड़ने का झांसा देकर रात करीब नौ बजे अपने ऑटो में बैठा लिया। गंतव्य तक पहुंचाने के बजाय चालक उस नाबालिग को लगभग एक घंटे तक शहर के अलग-अलग रास्तों पर घुमाता रहा। इसी बीच, उसका साथी एजाज भी रास्ते में ऑटो में आ बैठा। दोनों मिलकर किशोरी को एक सुनसान और निर्जन स्थान पर ले गए, जहाँ एजाज ने उसके साथ घिनौना कृत्य (दुष्कर्म) किया।
पीड़िता की बहादुरी और सूझबूझ से सामने आया मामला
अत्याचार और दरिंदगी का शिकार होने के बावजूद उस नाबालिग किशोरी ने हिम्मत नहीं हारी। जब आरोपी एजाज ने उसे जान से मारने की नीयत से उसका गला दबाना शुरू किया, तो अपनी जान बचाने के लिए पीड़िता ने पूरी ताकत से उसके हाथ पर दांतों से काट लिया और किसी तरह उनके चंगुल से छूटकर भाग निकली।
भागते हुए वह बदहवास हालत में सड़क किनारे एक ढाबे पर पहुँची। वहाँ मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुँची पुलिस ने डरी-सहमी पीड़िता से बातचीत कर पूरी जानकारी जुटाई और उसे तत्काल मेडिकल परीक्षण व इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया।
सीसीटीवी फुटेज और ई-रिक्शा की मदद से आरोपियों तक पहुँची खाकी
घटना के बाद हरकत में आई बांदा पुलिस ने त्त्वरित कार्रवाई करते हुए शहर के विभिन्न चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी। तकनीकी साक्ष्यों और ऑटो-रिक्शा की पहचान के आधार पर पुलिस आखिरकार आरोपियों की सुरागकशी करते हुए उन तक पहुँच गई।
रविवार की सुबह जब पुलिस को सूचना मिली कि दोनों आरोपी वाहन के साथ क्षेत्र में मौजूद हैं, तो पुलिस टीम ने तुरंत जाल बिछाया। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने भागने की कोशिश की और खुद को घिरता देख पुलिस पर हमला कर दिया। आत्मरक्षार्थ की गई कार्रवाई में आरोपी एजाज गोली लगने से धरा गया, जबकि नरेश को भी पुलिस ने मौके पर ही दबोच लिया।
पुराना आपराधिक इतिहास आया सामने
पुलिस की छानबीन में यह बात भी खुलकर सामने आई है कि पकड़े गए आरोपियों में से एजाज का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके विरुद्ध पूर्व में भी हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं (धारा 307) और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकरण से जुड़े सभी भौतिक और तकनीकी साक्ष्यों को संकलित किया जा रहा है और मामले की गहन विवेचना पूरी कर दोनों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।





















































