उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से आतंकवाद निरोधक दस्ते (UP ATS) द्वारा एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किए जाने के बाद सूबे की सियासत में भूचाल आ गया है। इस सनसनीखेज गिरफ्तारी पर योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने गहरी चिंता जताते हुए समाजवादी पार्टी को सीधे कटघरे में खड़ा किया है। राजभर के इस तीखे बयान ने आंतरिक सुरक्षा के मुद्दे को एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में गरमा दिया है, जिससे आने वाले दिनों में सियासी पारा और चढ़ना तय माना जा रहा है।
एटीएस की कार्रवाई की सराहना और राजभर का तीखा पलटवार
उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने आजमगढ़ में हुई इस आतंकी गिरफ्तारी पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। आईएएनएस (IANS) से विशेष बातचीत करते हुए राजभर ने सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी को सलाम किया। उन्होंने कहा, “यूपी एटीएस ने देश और समाज के हित में एक बेहद सराहनीय और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। भारत की धरती पर किसी भी प्रकार की आतंकवादी और हिंसक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और एटीएस की यह मुस्तैदी देश की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।”
हालांकि, इसके तुरंत बाद राजभर ने आजमगढ़ के राजनीतिक इतिहास को लेकर विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में कहा, “दुख और चिंता की बात यह है कि जब भी किसी बड़े आतंकी का सुराग मिलता है, तो उसके तार आजमगढ़ से ही क्यों जुड़ते हैं? आखिर क्यों ऐसे देशद्रोहियों और अपराधियों को आजमगढ़ की धरती पर पनाह मिलती है?”
‘सपा का गढ़ और आतंकियों का पनाहगार?’ – सियासी बवाल
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए ओम प्रकाश राजभर ने उत्तर प्रदेश के प्रमुख विपक्षी दल, समाजवादी पार्टी (SP) पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ को हमेशा से समाजवादी पार्टी का अभेद्य गढ़ कहा जाता रहा है, जहां से खुद सपा के शीर्ष नेता चुनाव लड़ते और जीतते आए हैं।
राजभर ने सीधे सवाल दागते हुए पूछा, “क्या आजमगढ़ में सक्रिय इन राष्ट्रविरोधी तत्वों और स्लीपर सेल्स को समाजवादी पार्टी का राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है? यह बेहद गंभीर विषय है कि जिस क्षेत्र को एक दल अपना गढ़ कहता है, वहां से देश को दहलाने की साजिश रचने वाले पकड़े जा रहे हैं।” राजभर के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में जुबानी जंग तेज हो गई है।
ISI और शहजाद भट्टी गैंग का खतरनाक डिजिटल जाल
UP ATS द्वारा की गई इस तफ्तीश में बेहद चौंकाने वाले और डराने वाले खुलासे हुए हैं। 1 जून को गिरफ्तार किया गया आरोपी मोहम्मद शेख महज एक मोहरा नहीं, बल्कि सीमा पार बैठे आकाओं का एक सक्रिय टूल बन चुका था। जांच के मुताबिक, मोहम्मद शेख पाकिस्तान में बैठे कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्टी के आतंकी नेटवर्क और आईएसआई (ISI) के सीधे संपर्क में था।
पाकिस्तानी हैंडलर ‘अजमल गुजर’ और ‘रजा पाकिस्तानी’ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और व्हाट्सएप के जरिए भारतीय युवाओं को जाल में फंसा रहे हैं। इनका मुख्य मकसद युवाओं को धार्मिक रूप से भड़काकर, कट्टरपंथी बनाना और उन्हें देश के खिलाफ ‘स्लीपर सेल’ के तौर पर इस्तेमाल करना है। मोहम्मद शेख भी इसी जहरीली विचारधारा का शिकार होकर खुद तो जिहाद की बातें कर ही रहा था, साथ ही आजमगढ़ और आसपास के इलाकों के अन्य युवाओं को भी इस दलदल में खींचने की कोशिश में जुटा था।
हाई-प्रोफाइल मर्डर की थी साजिश, टल गया बड़ा हादसा
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, मोहम्मद शेख को पाकिस्तानी आकाओं द्वारा भारत में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और अस्थिरता पैदा करने के लिए एक बेहद संवेदनशील काम सौंपा गया था। उसे भारत की एक राजनीतिक पार्टी की महिला नेता की हत्या (Assassination) करने के लिए उकसाया गया था। पाकिस्तानी हैंडलर्स ने उसे भरोसा दिया था कि इस बड़े मर्डर को अंजाम देने के बाद उसे एक और ‘महा-मिशन’ में शामिल किया जाएगा, जिसके लिए उसे मोटी रकम भी मिलनी थी।
इस खूनी साजिश को अमलीजामा पहनाने के लिए मोहम्मद शेख ने पूरी तैयारी कर ली थी। उसने अवैध रूप से 1 पिस्टल (9mm) और 4 कारतूसों की व्यवस्था भी कर ली थी। गनीमत रही कि वारदात को अंजाम देने से ठीक पहले एटीएस ने उसे दबोच लिया, जिससे देश में एक बड़ी अनहोनी और संभावित दंगा टल गया।
इस पूरी कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि देश के खिलाफ रची जा रही डिजिटल और जमीनी साजिशों पर यूपी पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां पैनी नजर रखे हुए हैं। मोहम्मद शेख की गिरफ्तारी आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी कामयाबी है, लेकिन इसने आजमगढ़ की धरती और उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया विवाद बो दिया है। मंत्री ओम प्रकाश राजभर के सीधे और धारदार आरोपों के बाद अब सबकी निगाहें समाजवादी पार्टी के रुख पर टिकी हैं कि वह इस सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दे और खुद पर लगे आरोपों का क्या जवाब देती है।





















































