नोएडा के सेक्टर-119 स्थित अरण्या सोसाइटी में सोमवार सुबह एक बेहद डरावना मंजर देखने को मिला, जब 21वीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में एयर कंडीशनर (AC) के अचानक धमाके से भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते उन्होंने बगल के दो अन्य फ्लैटों को भी अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत रही कि इस खौफनाक हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन फ्लैटों के अंदर रखा लाखों का कीमती सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया। सुबह-सुबह हुई इस घटना से पूरी सोसाइटी में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए नीचे की ओर दौड़ पड़े।
दमकल विभाग की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा
घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। मुख्य दमकल अधिकारी (CFO) प्रदीप कुमार चौबे के नेतृत्व में 6 दमकल गाड़ियों ने आग पर काबू पाने के लिए मोर्चा संभाला। 21वीं मंजिल पर आग होने के कारण दमकलकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया, जिससे आग पूरी बिल्डिंग में नहीं फैल पाई। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि फ्लैट के एसी में हुए तकनीकी विस्फोट ने ही आग की इस विनाशकारी लपट को जन्म दिया।
इस सीजन में AC ब्लास्ट का ‘खतरनाक शतक’
नोएडा में एसी फटने की यह कोई पहली घटना नहीं है। दमकल विभाग के चौंकाने वाले आंकड़ों के मुताबिक, केवल इस गर्मी के सीजन में शहर के भीतर एसी में धमाके और उसके बाद आग लगने की 150 से ज्यादा घटनाएं रिकॉर्ड की जा चुकी हैं। बढ़ती गर्मी और लोड के कारण पुरानी वायरिंग या एसी के कंप्रेसर में होने वाले विस्फोट अब एक बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं।
इसके अलावा, शहर में आग की घटनाओं का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में रविवार रात गोल्डन आई कमर्शियल बिल्डिंग की नौवीं मंजिल पर स्थित एक कार्यालय में भी आग लग गई थी, जिस पर भी दमकल विभाग ने तत्परता दिखाते हुए काबू पाया।
बचाव के लिए दमकल विभाग की खास सलाह
इस तरह की घटनाओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए विशेषज्ञों और दमकल विभाग ने निवासियों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं:
- समय पर सर्विसिंग: गर्मियों के सीजन की शुरुआत में ही अपने एसी की अनिवार्य सर्विसिंग और गैस की जांच करवाएं।
- क्वालिटी का ध्यान: एसी में इस्तेमाल होने वाले वोल्टेज स्टेबलाइजर की गुणवत्ता से समझौता न करें।
- ओवरलोड से बचें: एक ही सर्किट पर कई भारी उपकरण चलाने से बचें, क्योंकि यह वायरिंग को गर्म कर आग का कारण बन सकता है।
- वायरिंग चेक: पुरानी बिल्डिंग्स में बिजली की फिटिंग का समय-समय पर अनुभवी इलेक्ट्रीशियन से मुआयना करवाएं।
प्रशासन अब यह भी सुनिश्चित करने में जुटा है कि ऊंची इमारतों में फायर सेफ्टी के उपकरण पूरी तरह चालू हालत में हों, ताकि आपात स्थिति में जान-माल का नुकसान कम से कम हो सके।





















































